- Hindi News »
- Bihar »
- Bihar Elections 2025 Know Jeevika Didi Became Prominent She Has Power To Change Outcome
कौन हैं जीविका दीदी? जिसपर बिहार में छिड़ा सियासी संग्रम; चुनावी मौसम में क्यों बनीं ये खास?
- Written By: मनोज आर्या
Jeevika Didi: नीतीश कुमार के महिला वोटर पर तेजस्वी यादव ने सेंघमारी करते हुए कहा कि प्रदेश में अगर 2025 में मेरी सरकार बनी तो जीविका दीदियों को स्थाई कर दिया जाएगा।

जीविका दीदियों के साथ सीएम नीतीश कुमार, (फाइल फोटो)
Bihar Assembly Elections 2025: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव बुधवार के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से बिहार में सियासी संग्राम मच गया है। नीतीश कुमार के महिला वोटर पर तेजस्वी यादव ने सेंघमारी करते हुए कहा कि प्रदेश में अगर 2025 में मेरी सरकार बनी तो जीविका दीदियों को स्थाई कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उनको हर महीने 30 हजार रुपये वेतन दिए जायेंगे। इसके साथ ही जीविका दीदियों ने अभी तक जो भी लोन लिया है उसे माफ भी कर दिया जायेगा। तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि जीविका दीदियों को दो साल तक बिना ब्याज के लोन दिया जाएगा और दूसरे सरकारी काम करने पर 2 हजार प्रतिमाह अलग से दिया जाएगा।
इसके साथ ही सरकार की ओर से जीविका दीदियों को 5 लाख तक का इंश्योरेंस भी कराया जाएगा। जीविका समूह के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को भी सरकार मानदेय देगी। तेजस्वी यादव के इस घोषणा के बाद से बिहार में सियासी संग्राम छिड़ गया है।
क्यों छिड़ा सियासी संग्राम?
तेजस्वी यादव के इस चुनावी वादे के बाद बिहार में सियासी संग्राम छिड़ गया। दरअसल,बिहार में जीविका योजना के तहत अब तक करीब एक करोड़ 40 लाख बहन बेटियां रजिस्टर्ड हैं। ये बहन बेटियां बिहार में 11 लाख स्वयं सहायता समूह को संचालित कर रही हैं। जो कि ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं। महिलाओं के नीतीश कुमार का वोटर कहा जाता है। महिलाओं का बिहार में पुरुषों की तुलना में मतदान संख्या भी अधिक रहता है। 2010, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में महिला मतदाता न केवल मतदान में अधिक सक्रिय हैं, बल्कि उनके वोटों का असर चुनाव परिणामों पर भी प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दिया।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत संपादकीय: राज्यसभा चुनाव से NDA को बढ़त? क्या सरकार अब पारित करा पाएगी परिसीमन बिल
शरद पवार की पार्टी का कांग्रेस में होगा विलय? हाईकमान के प्रस्ताव से महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज
PM मोदी के कार्यकाल के 12 साल, NDA की बैठक में दिखा अलग अंदाज; CM सुवेंदु ने प्रधानमंत्री को खिलाई झालमुड़ी
जनधन खाते से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक… मोदी सरकार के 12 साल के वो 12 फैसले जिसने बदला भारत का भविष्य- PHOTOS
महिला मतदाता उच्च मतदान प्रतिशत के साथ सक्रिय हुईं, तो इसका एनडीए को इसका लाभ हुआ है। इसी कारण बिहार में महिला मतदाता को राजनीति में निर्णायक मतदाता कहा जाता हैं। विधानसभा इलेक्शन में महिला वोटर्स के ट्रेंड को देखते हुए सभी राजनीतिक दल महिलाओं को अपने पाले में करने के लिए हर संभव दांव आजमा रहे हैं।
महिलाओं के लिए कई योजना चला रहें सीएम नीतीश
सीएम नीतीश कुमार तो पहले ही महिलाओं के लिए कई योजनाएं राज्य में चला रहे हैं। अब तेजस्वी यादव के नए ऐलान राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। दरअसल, दोनों ही गठबंधन महिला उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाकर और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं लागू करके इस वर्ग को अपने पक्ष में लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसको लेकर ही टकराव बढ़ा है।
तेजस्वी के चुनावी वादों पर NDA का पलटवार
नीतीश कुमार के वोट बैंक पर तेजस्वी के सेंघमारी के बाद एनडीए ने पलटवार किया है। हम प्रमुख जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए पूछा कि इसके लिए पैसा कहां से आयेंगे? बिहार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा बिहार की जनता ने जब 15 साल का वक्त दिया था तब आपने ऐसा क्यों नहीं किया? इधर, चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार बनेगी तब न करेंगे? तेजस्वी यादव मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं।
कौन हैं जीविका दीदी?
बिहार सरकार विश्व बैंक की सहायता से ‘बिहार ग्रामीण आजीविका मिशन’ (Bihar Rural Livelihood Mission- BRLM) का संचालन करती है। बिहार में इससे जुड़ी महिलाओं को ‘जीविका’ के नाम से जाना जाता है। नीतीश सरकार ने वर्ष 2006 में बिहार की ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आर्थिक और समाजिक रूप से मजबूत करने के उदेश्य से शुरू किया गया। शुरुआत में यह योजना केवल गांवों के लिए थी, लेकिन बाद में यह कस्बों और शहरों में भी स्वंयसहायता समूह के रूप में बढ़ाई गई। इसके तहत किसी गांव समाज की 10 से 12 महिलाएं आपस में मिलकर एक समूह बनाती हैं और यह समूह छोटे मोटे रोजकार या कारोबार की शुरुआत करती हैं।
इस योजना के पीछे सरकार का उद्देश्य
तब बिहार सरकार इन महिलाओं के समूह को मान्यता प्रदान करती है और ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन सोसायटी (BRLF) में इसका निबंधन कराया जाता है। निबंधन के बाद इन्हें रोजगार को आगे बढ़ाने के लिए बेहद मामूली दर पर बिहार सरकार कर्ज उपलब्ध कराती है। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण स्तर पर गरीबों को सामाजिक और आर्थिक तौर पर सशक्त बनाना है। बिहार में नीतीश सरकार यह योजना साल 2006 से चला रही है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वयं-सहायता समूह का गठन कर कौशल-आधारित रोजगार के अवसरों के जरिए लोगों की आजीविका में सुधार करना है। इसके जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जाता है। यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत संचालित होती है।
कैसे इतनी ताकतवर बनीं जीविका दीदी?
बिहार में जीविका योजना में अब तक करीब एक करोड़ 40 लाख बहन बेटियां रजिस्टर्ड हैं। ये बहन बेटियां बिहार में 11 लाख स्वयं सहायता समूह संचालित कर रही हैं। सरकार की ओर से इन्हें अब तक बैंकों से 57794 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज दिया जा चुका है। इससे वे अपने रोजगार को उड़ान देकर 32 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार का अनुमान है कि यह संख्या 50 लाख तक पहुंच चुकी है।
चुनाव से पहले जीविका दीदियों को 10-10 हजार
सरकार ने चुनाव से ठीक पहले जीविका दीदी योजना के तहत राज्यभर की महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वरोजगार शुरू करने और मौजूदा रोजगार को आगे बढ़ाने के लिए दी है। इस योजना के तहत यह भी प्रावधान है कि अगर कोई जीविका दीदी अपने उद्यम को सही तरीके से चलाती है, तो उसे दो लाख रुपये तक का बिना गारंटी कर्ज भी दिया जाएगा। यह योजना बिहार में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
ये भी पढ़ें: चिराग भी बनना चाहते हैं मुख्यमंत्री, बोले- फिलहाल NDA का चेहरा केवल नीतीश कुमार; मौका मिला तो…
अब तक 1 करोड़ 11 लाख 66 हजार से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से 1 करोड़ 7 लाख से ज्यादा आवेदक ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। इसके अलावा 1 लाख 40 हजार से अधिक नई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के लिए आगे आई हैं, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें। यही कारण है कि बिहार चुनाव में ये ताकतवर हो गई हैं।
Bihar elections 2025 know jeevika didi became prominent she has power to change outcome
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
‘Kiran’ से ‘Kirron’ बनने का क्या है राज? जानिए किरण के फिल्म अभिनेत्री से राजनेता बनने तक की कहानी…
Jun 14, 2026 | 07:00 AMLIVEआज की ताजा खबर 14 जून LIVE: पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हिंसक झड़प, स्पेशल ट्रेन में की तोड़फोड़
Jun 14, 2026 | 06:54 AMNoida Airport Flight: जमीन देने वाले 160 किसान पहली उड़ान से जाएंगे लखनऊ, सीएम योगी से मिलेंगे
Jun 14, 2026 | 06:53 AMपरीक्षा छूटने के डर से छात्रों का तांडव; पाटलिपुत्र स्टेशन पर ट्रेन में तोड़फोड़, पुलिस ने की हवाई फायरिंग
Jun 14, 2026 | 06:47 AMबचपन से संगीत के दीवाने थे Jubin Nautiyal, ‘एक मुलाकात’ से चमकी किस्मत, बन गए करोड़ों दिलों की आवाज
Jun 14, 2026 | 06:38 AMराज ठाकरे बर्थडे स्पेशल: तस्वीरों में देखिए मराठी मानुस से टोल नाके तक, MNS प्रमुख के 7 सबसे बड़े आंदोलन
Jun 14, 2026 | 06:30 AMGrah Gochar June 2026: ऐसे बदल रही है ग्रहों की चाल, सूर्य-मंगल के राशि परिवर्तन से बाजार में आएगी तेजी
Jun 14, 2026 | 06:25 AMवीडियो गैलरी

बेटी पर टिप्पणी को लेकर यूपी में गरमाई सियासत, दोनों पक्ष आए आमने-सामने, देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 11:03 PM
वायुसेना के विमान में तकनीकी खराबी या कुछ और? कैसे हुआ IAF का AN-32 प्लेन क्रैश!
Jun 13, 2026 | 08:15 PM
असम का ‘डेंजर जोन’ कनेक्शन! 2026 में यहीं क्रैश हुआ था सुखोई, अब AN-32 विमान दो टुकड़ों में बंटा- VIDEO
Jun 13, 2026 | 07:16 PM
Europe Mission पर PM Modi! क्यों बढ़ी दुनिया की नजर? क्या है भारत का सीक्रेट प्लान?
Jun 13, 2026 | 05:11 PM
घर में घुसकर मारेंगे… CM योगी ने दी कड़ी चेतावनी; रक्षा नीति में पुरानी सरकार की खोली पोल- देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:51 PM
गाजियाबाद में ‘जिम-जिहाद’ पर प्रशासन सख्त, पहचान छुपाने वाले ट्रेनरों में हड़कंप; देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:37 PM














