महागठबंधन को एक और बड़ा झटका, RJD प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द, भाजपा पर साजिश का आरोप

Bihar elections: विधानसभा चुनाव से पहले महागंठबंधन को एक और बड़ा झटका लगा है। VIP उम्मीदवार के बाद आरजेडी प्रत्याशी श्वेता सुमन का भी नामांकन रद्द हो गया है।
महागठबंधन को एक और बड़ा झटका, RJD प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द, भाजप पर साचिश का आरोप
नामांकन रद्द होने के बाद फूट फूटकर रोने लगीं श्वेता सुमन (सौ. सोशल मीडिया)
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Shweta Suman's Nomination Cancelled: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। कैमूर जिले के मोहनिया विधानसभा सीट से आरजेडी प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द हो गया है। चुनाव आयोग ने श्वेता सुमन को उत्तर प्रदेश की मूल निवासी मानते हुए उनका नामांकन अमान्य बताया है।

इससे पहले मंगलवार को महागठबंधन के एक और सहयोगी दल वीआईपी के कैंडिडेट शशिभूषण सिंह का सुगौली विधानसभा से नामांकन रद्द हो गया था। इससे पहले स्क्रूटनी के दौरान एलजेपी (रामविलास) की प्रत्याशी सीमा सिंह का नामांकन रद्द हुआ था। सीमा सिंह के साथ-साथ मढ़ौरा विधानसभा सीट से तीन अन्य प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हुआ था। यहां से सीमा सिंह को टिकट मिलने के बाद जदयू से बगावत कर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे अल्ताफ आलम राजू, बसपा से आदित्य कुमार और निर्दलीय प्रत्याशी विशाल कुमार का नामांकन भी रद्द किया गया है।

श्वेता सुमन ने बीजेपी पर लगाया आरोप

नामांकन रद्द होने के बाद श्वेता सुमन फूट-फूटकर रोने लगीं। श्वेता ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, उनका नामांकन बीजेपी की वजह से रद्द हुआ है। उनका कहना है कि, बीजेपी कैंडिडेट का भी जाति प्रमाणपत्र लगा हुआ था, लेकिन उनका नामांकन रद्द नहीं हुआ मेरा हो गया। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी को आरजेडी और मुझसे डर लग रहा है। इसलिए बीजेपी अन्याय कर रही है। आगे उन्होंने कहा कि, जब समझिए की व्यक्ति को चुनाव लड़ने नहीं दिया जा रहा है लोकतंत्र में उसको ये अधिकार नहीं है तो आप सोचिए कि जब उनकी सरकार आएगी तो वो क्या करने वाले हैं। बिहार का नाश करने वाले हैं।

बीजेपी की शिकायत पर कार्रवाई

बता दें कि श्वेता सुमन ने कैमूर जिले के मोहनिया विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि श्वेता बिहार की मूल निवासी नही हैं। बीजेपी का आरोप था कि श्वेता उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की रहने वाली हैं और बिहार की किसी आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ने के लिए यहां का मूल निवासी होना चाहिए। यह घटना तब सामने आई जब श्वेता सुमन ने मोहनिया (SC) विधानसभा सीट से अनुसूचित जाति (SC) के प्रमाण-पत्र के आधार पर नामांकन दाखिल किया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विंध्याचल राय ने निर्वाचन विभाग को आवेदन देकर उनके नामांकन को रद्द करने की मांग की थी। भाजपा का दावा था कि श्वेता सुमन मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं और उनका जन्मस्थान भी उत्तर प्रदेश है।

VIP उम्मीदवार का नामांरकन रद्द

बता दें कि मंगलवाल को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के उम्मीदवार शशि भूषण सिंह का नामांकन मोतिहारी की सुपौली सीट से रद्द हो गया था। तकनीकी कारणों से शशि भूषण सिंह नामांकन रद्द किया गया, जिससे महागठबंधन को बड़ा झटका लगा और इस सीट पर एनडीए की स्थिति मजबूत हो गई है।

नामांकन की प्रक्रिया खत्म

बिहार में चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया खत्म हो गयी है। पहले चरण की वोटिंग के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर को समाप्त हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण के लिए अंतिम तिथि 20 अक्टूबर थी। नामांकन रद्द होने की ये घटनाएँ महागठबंधन की चुनावी रणनीति और एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, जबकि भाजपा और एनडीए खेमे को इससे सीधा लाभ मिलता दिख रहा है। मोहनिया सीट पर नामांकन रद्द होने से राजद को अब यहाँ एक नया समीकरण तलाशना होगा।

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