

Bihar Assembly Elections 2025 Result: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पार्टी को जनता ने फिर से विपक्ष में ही बैठने का आदेश दिया है। शाम 4 बजे की गिनती के बाद तेजस्वी यादव की अगुआई वाली पार्टी महज 27 सीटों पर ही आगे चल रही थी। वहीं, बीजेपी और जदयू की नेतृत्व वाली एनडीए 2010 के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। एनडीए की आंधी में विपक्षी दलों के कई नेता अपनी सीट बचाने के लिए जद्दोजहद करते हुए नजर आ रहे हैं।
महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से कई बार आगे तो कई बार पिछड़ जा रहे हैं। यहां बीजेपी के उम्मीदवार सतीश यादव से उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है। इसके साथ ही लालू यादव के बड़े बेटे और तेजस्वी यादव के भाई तेज प्रताप महुआ सीट से काफी पिछे चल रहे हैं। यहां लगभग उनकी हार मानी जा रही है।
भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव को छपरा (Chhapra Vidhansabha, Result) सीट पर कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा रहा है। बीजेपी की महिला उम्मीदवार छोटी कुमारी से 12वें राउंड की गिनती के बाद 5015 वोटों से पिछे चल रहे हैं। मतगणना के शुरूआत से राजद उम्मीदवार यहां से आगे चल रहे थे। हालांकि, वोटों की गिनती के साथ ही वे काफी पीछे हो गए।
इस हाहाकारी हार के बीच वोट शेयर के आकंड़े आरजेडी के जख्म पर मरहम लगा सकते हैं। पार्टी इस चुनाव में वोट शेयर के मामले में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। 2 बजे तक गिने गए वोटों के आधार पर आरजेडी को करीब 23 पर्सेंट वोट शेयर मिला है। सीटों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा को 21 फीसदी के करीब वोट हासिल हुआ है। वहीं, जेडीयू को 18.92 फीसदी वोट मिला है। कांग्रेस को 8.15 फीसदी वोट मिले हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझान में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलता हुआ नजर आ रहा है। वहीं, महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। राजद-कांग्रेस मिलकर भी 50 सीटों पर जीत हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है। इस बीच सवाल उठ रहा है कि अगर इस चुनाव में भी राजद को हार का सामना करना पड़ता है, तो तेजस्वी का राजनीतिक भविष्य क्या होगा? सियासत उनकी रगों में दौड़ती है, क्योंकि उनके पिता और मां दोनों बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
तेजस्वी यादव आरजेडी के युवराज हैं और उन्हें 2025 के विधानसभा चुनाव में भावी सीएम माना जा रहा था, लेकिन बिहार के नतीजों ने उन्हें निस्तेज कर दिया है। बात हो रही है तेजस्वी यादव की, जिनके जीत के तमाम दावों को बिहार की जनता से सिरे से नकार दिया है। अब सवाल उठता है कि क्या यह चुनावी हार तेजस्वी यादव का राजनीतिक तेज खत्म कर देगी? इन नतीजों के बाद आरजेडी के युवराज का भविष्य कैसा होगा?