बिहपुर विधानसभा: NDA-महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर, भाजपा के सामने सीट बचाने की चुनौती

Bihar Assembly Elections: बिहपुर का हालिया चुनावी इतिहास बताता है कि यहां जीत-हार का फैसला बहुत कम वोटों के अंतर से होता है, जो 2025 में मुकाबला कांटेदार होने का संकेत है।
Bihpur Assembly Constituency
बिहार विधानसभा चुनाव 2025, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Published on: 
Updated on: 

Bihpur Assembly Constituency: बिहार के भागलपुर जिले की बिहपुर विधानसभा सीट हमेशा से एक रोमांचक चुनावी अखाड़ा रही है। गंगा, कोसी और बूढ़ी गंडक जैसी बड़ी नदियों से घिरे होने के कारण यह इलाका जितना उपजाऊ है, राजनीति के लिहाज से उतना ही अस्थिर है। यहां के मतदाता हर बार विकास की उम्मीद में अपना विधायक बदल देते हैं, जिससे यह सीट एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है।

मामूली अंतर से तय होता है जीत-हार

बिहपुर का हालिया चुनावी इतिहास बताता है कि यहां जीत-हार का फैसला बहुत कम वोटों के अंतर से होता है, जो 2025 में मुकाबला कांटेदार होने का संकेत है। 2020 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से मात्र 6,129 वोटों के अंतर से यह सीट छीनी थी। वहीं, 2015 के चुनाव में राजद ने 12,716 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। 2024 लोकसभा का संकेत: हाल ही में हुए 2024 लोकसभा चुनाव में, एनडीए की सहयोगी जदयू को बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में सिर्फ 4,855 वोटों की मामूली बढ़त मिली। यह बताता है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए अपनी सीट बचाना एक बड़ी चुनौती होगी।

बिहपुर का बदलता राजनीतिक मिजाज

1951 में स्थापित इस सीट पर मतदाताओं ने कभी भी किसी एक पार्टी को लंबा समय नहीं दिया है। शुरुआती दौर (1952-1967) में कांग्रेस, सीपीआई और भारतीय जनसंघ ने बारी-बारी से जीत दर्ज की। हालांकि, 1969 के बाद रुझान बदला, जब सीपीआई (1969-1977), कांग्रेस (1980-1985), जनता दल (1990-1995) और राजद (2000-2005) जैसी पार्टियों ने लगातार जीत दर्ज कर अपना दबदबा दिखाया। अब मुकाबला भाजपा और राजद के बीच सिमट गया है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देती रही हैं।

मतदाता और मुख्य मुद्दे

बिहपुर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है, इसलिए स्थानीय मुद्दे चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

प्रमुख मुद्दे: गंगा और कोसी नदियों से घिरा होने के कारण बाढ़ यहां की सबसे बड़ी समस्या है। इसके अलावा, बेरोजगारी और कृषि विकास जैसे मुद्दे मतदाताओं को प्रभावित करते हैं।

मतदाता संख्या: चुनाव आयोग के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, बिहपुर में कुल 2,68,664 मतदाता हैं, जिनमें पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है।

यह सीट 2025 के चुनाव में भी कांटे की टक्कर का केंद्र बनी रहेगी, जहां जीत उसी पार्टी को मिलेगी जो मतदाताओं का विश्वास जीतने और उनके स्थानीय मुद्दों पर सबसे ज्यादा ध्यान देगी।