26 सेकंड में NDA का मेनिफेस्टो जारी...मुंह दिखाकर कर भागे नेता, गहलोत ने बताया झूठ का पुलिंदा

Bihar Election: एनडीए के 'संकल्प पत्र 2025' को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निशाना साधा । उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे छोटा और सबसे कमजोर मेनिफेस्टो लॉन्च था।
अशोक गहलोत (1)
अशोक गहलोत ने नीतीश कुमार और पीएम मोदी पर बोला हमला (सौ. सोशल मीडिया)
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Bihar Assembly Elections 2025: शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए ने अपना घोषणा पत्र 'संकल्प पत्र 2025' जारी किया। इस घोषणा पत्र में एनडीए ने 1 करोड़ से ज्यादा सरकारी नौकरी और रोजगार देने के साथ ही कई बड़े वादे किए। घोषणा पत्र जारी होने के बाद राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा पत्र की अवधि और विश्वसनीयता पर बड़ा हमला बोला है।

अशोक गहलोत ने कहा कि यह अब तक का सबसे छोटा और सबसे कमजोर मेनिफेस्टो लॉन्च था। सीएम नीतीश कुमार और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को डर था कि मीडिया उनसे सवाल पूछ लेगी, इसलिए वे सिर्फ 26 सेकंड में मेनिफेस्टो जारी कर भाग गए। साथ ही अशोक गहलोत ने एनडीए के घोषणा पत्र को झूठ का पुलिंदा बताया, वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने नीतीश कुमार को कठपुतली कहने से भी गुरेज नहीं किया।

अशोक गहलोत ने बोला हमला

गहलोत ने कहा कि एनडीए का मेनिफेस्टो जारी हुआ, नेता मंच पर आए और कुछ सेकंड में चले गए। मीडिया के कई साथियों ने मुझसे कहा कि अपने जीवन में उन्होंने पहली बार 26 सेकंड की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी। अगर नीतीश कुमार और जेपी नड्डा रुक जाते तो पत्रकार उनसे बीते वादों का हिसाब मांग लेते, इसलिए दोनों ने मंच से भागना ही सही समझा। गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी तो वैसे भी मीडिया से संवाद नहीं करते।

आशोक गहलोत के साथ कांग्रेस नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
आशोक गहलोत के साथ कांग्रेस नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

'एनडीए का मेनिफेस्टो सिर्फ झूठ का पुलिंदा'

गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी घोषणा पत्र जनता के प्रति जवाबदेही का दस्तावेज होता है, लेकिन एनडीए का यह मेनिफेस्टो सिर्फ झूठ का पुलिंदा है। 20 साल के काम का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए था, पर उन्होंने फिर से केवल खोखले वादे किए। बिहार के साथ बार-बार वादाखिलाफी की गई है।

सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

गहलोत ने सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि 50 हजार करोड़ के निवेश की बात करना सिर्फ एक कल्पना है। क्या कोई एमओयू साइन हुआ है? यह आंकड़ा हवा में उछाला गया है ताकि जनता को भ्रमित किया जा सके। उन्होंने कहा कि एनडीए का पूरा अभियान झूठ और दिखावे पर आधारित है।

गहलोत ने सवाल उठाया कि जब चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है, तो आखिर मेनिफेस्टो जारी करने की जिम्मेदारी उन्हें क्यों नहीं दी गई? क्या वह अब ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि जनता के सामने आकर घोषणा पत्र पढ़ सकें?