
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
Bihar Assembly Elections: बिहार में इस बार दोनों चरणों में हुए जोरदार मतदान ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पहले चरण में 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर 65.09 फीसदी मतदान हुआ था तो दूसरे चरण में पांच बजे तक ही यह आंकड़ा 67.14 प्रतिशत वोटिंग हुई है।
बिहार में इस बार हुए बंपर मतदान के बाद यह सवाल सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि जनता इतने जोर-शोर से किसके पक्ष में मतदान कर रही है? सियासी दलों के अपने-अपने पक्ष वाले दावे हैं। लेकिन दूसरे चरण के वोटिंग के बाद इस सवाल का सही जवाब सामने आ चुका है।
दरअसल, बिहार विधानसभा के दूसरे चरण में पहले फेज से भी ज्यादा वोटिंग देखने को मिली है। 20 जिलों की 122 सीटों पर 5 बजे तक औसत मतदान 67.14 फीसदी रहा है, लेकिन इनमें कई जिले ऐसे हैं जहां ये आंकड़ा 70 प्रतिशत के पार चला गया है।
बिहार के जिन जिलों में मतदान प्रतिशत 70 के पार हुआ है। उनमें सीमांचल के जिले तीन जिले शामिल हैं। वहीं, इसके साथ ही सुपौल में भी बंपर मतदान देखने को मिला है। दूसरे चरण में सबसे ज्यादा 76.26 फीसदी मतदान किशनगंज में हुआ है। जहां तकरीबन 67 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।
इसके बाद वोटिंग परसेंटेज के मामले में कटिहार का नंबर है। जहां 75.23 प्रतिशत मतदान हुआ है। कटिहार की मुस्लिम आबादी 42 परसेंट है। इसके साथ ही पूर्णिया में 73.79 प्रतिशत वोटिंग हुई है। यहां पर मुस्लिमों की जनसंख्या 37 प्रतिशत के आसपास है। सुपौल में 70.69 प्रतिशत मतदान हुआ है। वहीं, 41 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले अररिया में भी 67.79 प्रतिशत मतदान हुआ है।
ये आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि जिन जिलों में जोरदार वोटिंग हुई है, उनमें सुपौल को छोड़कर बाकी की मुस्लिम आबादी काफी ज्यादा है। मुस्लिम वोटर्स को पहली नजर में आरजेडी का वोटबैंक करार दिया जाता रहा है। इस लिहाज से ये कहा जा सकता है कि बंपर मतदान तेजस्वी की लीडरशिप वाले महागठबंधन के फेवर में है।
हालांकि, सीमांचल में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी जोर-शोर से चुनाव लड़ा है। पिछली बार यहां उनकी पार्टी 5 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब भी हुई थी। लेकिन तब उनके साथ पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी भी अलायंस में थी। इस बार पप्पू यादव कांग्रेस में हैं।
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फिलहाल, यह महज आंकड़ों का विश्लेषण हैं। सही मायनों में बंपर वोटिंग ने बिहार में किसे जनादेश दिया है? इस सवाल का सही जवाब चुनाव परिणामों की तारीख यानी 14 नवंबर ही दे पाएगी।






