- Hindi News »
- Bihar »
- Bihar Assembly Elections 2025 Congresss Test In Kadwa Ndas Challenge And Public Silence
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कदवा में कांग्रेस की परीक्षा, एनडीए की चुनौती और जनता की चुप्पी
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Bihar Election: कटिहार जिले की कदवा सीट एक बार फिर चुनावी चर्चाओं में है। यह सीट न केवल राजनीतिक दृष्टि से अहम रही बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधताओं के कारण भी सुर्खियों में बनी रहती है।

कदवा विधानसभा सीट, डिजाइन फोटो (नवभारत)
Kadwa Assembly Seat Profile: कदवा की राजनीति हमेशा बदलाव के साथ आगे बढ़ी है। वर्ष 2000 में राजद, 2005 में जदयू और 2010 में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद कांग्रेस के शकील अहमद खान ने 2015 और 2020 में लगातार दो बार जीत हासिल कर पार्टी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अब तीसरी बार उनके सामने एंटी इनकंबेंसी की चुनौती है, जिसे पार करना आसान नहीं होगा।
कदवा विधानसभा की स्थापना 1951 में हुई थी, लेकिन 1962 में परिसीमन के चलते इसे समाप्त कर दिया गया। 1977 में यह सीट फिर से अस्तित्व में आई। महानंदा और बरंडी नदियों के जलोढ़ मैदानों में बसे इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति चुनावी रुख तय करने में अहम भूमिका निभाती है। हर साल आने वाली बाढ़ यहां की कृषि और आजीविका को प्रभावित करती है।
कृषि और आजीविका की चुनौतियां
कदवा की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। धान, मक्का, जूट और केले की खेती यहां प्रमुख है। मखाना और मछली उत्पादन भी इस क्षेत्र की पहचान हैं। लेकिन बार-बार की बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में लोग पलायन को मजबूर हैं।
सम्बंधित ख़बरें
बिहार के बेगुसराय में बड़ा हादसा! एक साथ 3 दरोगा समेत 4 पुलिसकर्मियों की मौत, पुलिस महकमे में पसरा मातम
बिहार NDA में बढ़ी रार! बेटे को MLC न बनाने पर भड़के उपेंद्र कुशवाहा ने याद दिलाया वादा, BJP ने किया पलटवार
ढोल-नगाड़ों के साथ मना लालू यादव का जन्मदिन, तेज प्रताप हुए भावुक, बोले- मेरी उम्र भी लग जाए, देखें तस्वीरें
लालू का वो भौकाल जिसके आगे फीके पड़ जाते थे बड़े-बड़े सूरमा, विवादों और घोटालों के बीच भी बने रहे किंगमेकर
जातीय समीकरण और सामाजिक विविधता
यह क्षेत्र जातीय रूप से बेहद विविध है। अति पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 30 फीसदी है, जबकि मुस्लिम मतदाता 32 फीसदी के करीब हैं। ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की भी उल्लेखनीय हिस्सेदारी है। यह विविधता चुनावी रणनीति को जटिल बनाती है और किसी एक वर्ग पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।
मतदान पैटर्न और पिछले नतीजे
2020 के चुनाव में कुल 2.81 लाख मतदाताओं में से केवल 60.31 प्रतिशत ने मतदान किया, जो हाल के वर्षों में सबसे कम रहा। मुस्लिम बहुलता के बावजूद धार्मिक आधार पर मतदान का सीधा असर नहीं दिखा। अब तक यहां से 6 हिंदू और 8 मुस्लिम विधायक चुने जा चुके हैं। 2020 में कांग्रेस को 71 हजार, जदयू को 38 हजार और एलजेपी को 31 हजार वोट मिले थे। एलजेपी की मौजूदगी ने जदयू के वोट काटे, जिससे कांग्रेस को फायदा हुआ।
2025 की रणनीति और संभावनाएं
इस बार यह देखना रोचक होगा कि जदयू फिर से उम्मीदवार उतारेगी या भाजपा सीट पर दावा करेगी। एलजेपी की भूमिका भी अहम रहेगी- क्या वह फिर से तीसरा कोण बनेगी या गठबंधन की राजनीति में कोई बड़ा फेरबदल होगा। कांग्रेस के लिए यह चुनाव अपनी पकड़ बनाए रखने की परीक्षा है, जबकि एनडीए के लिए यह सीट जीतने का अवसर।
जनता की अपेक्षाएं और स्थानीय मुद्दे
जनता का रुख इस बार किस ओर होगा, यह कहना अभी मुश्किल है। कांग्रेस के शकील अहमद खान ने पिछले दो कार्यकाल में क्या ऐसा किया है जिससे जनता उन्हें फिर मौका देगी, यह सवाल चर्चा में है। अगर एनडीए किसी लोकप्रिय और स्थानीय मुद्दों से जुड़े चेहरे को मैदान में उतारता है, तो मुकाबला बेहद कड़ा हो सकता है।
यह भी पढ़ें: सियासत-ए-बिहार: ऐतिहासिक सोनबरसा में सियासी संग्राम, कोसी की चुनौती के बीच विकास की उम्मीद
कदवा विधानसभा चुनाव 2025 में जातीय संतुलन, बाढ़ की मार, रोजगार की कमी और राजनीतिक रणनीति के बीच जनता का फैसला तय करेगा कि किस दल पर भरोसा जताया जाएगा। यह सीट सीमांचल की सियासी दिशा को भी प्रभावित करने वाली साबित हो सकती है।
Bihar assembly elections 2025 congresss test in kadwa ndas challenge and public silence
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
परीक्षा छूटने के डर से छात्रों का तांडव; पाटलिपुत्र स्टेशन पर ट्रेन में तोड़फोड़, पुलिस ने की हवाई फायरिंग
Jun 14, 2026 | 06:47 AMबचपन से संगीत के दीवाने थे Jubin Nautiyal, ‘एक मुलाकात’ से चमकी किस्मत, बन गए करोड़ों दिलों की आवाज
Jun 14, 2026 | 06:38 AMराज ठाकरे बर्थडे स्पेशल: तस्वीरों में देखिए मराठी मानुस से टोल नाके तक, MNS प्रमुख के 7 सबसे बड़े आंदोलन
Jun 14, 2026 | 06:30 AMGrah Gochar June 2026: ऐसे बदल रही है ग्रहों की चाल, सूर्य-मंगल के राशि परिवर्तन से बाजार में आएगी तेजी
Jun 14, 2026 | 06:25 AMBirthday Horoscope 14 June 2026: आज जन्मे बच्चों का कैसा होगा करियर और स्वभाव? जानें क्या कहते हैं सितारे
Jun 14, 2026 | 06:15 AMइंजीनियरिंग छोड़कर बने सुपरस्टार, चांद पर भी बनाई थी अपनी पहचान, जानें Sushant Singh Rajput की जिंदगी के पहलू
Jun 14, 2026 | 06:06 AMराज ठाकरे की ‘इन’ बातों से आप कैसे रह गए अनजान, कार्टूनिस्ट से राजनीति के करिश्माई नेता बनने तक का सफर
Jun 14, 2026 | 06:06 AMवीडियो गैलरी

बेटी पर टिप्पणी को लेकर यूपी में गरमाई सियासत, दोनों पक्ष आए आमने-सामने, देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 11:03 PM
वायुसेना के विमान में तकनीकी खराबी या कुछ और? कैसे हुआ IAF का AN-32 प्लेन क्रैश!
Jun 13, 2026 | 08:15 PM
असम का ‘डेंजर जोन’ कनेक्शन! 2026 में यहीं क्रैश हुआ था सुखोई, अब AN-32 विमान दो टुकड़ों में बंटा- VIDEO
Jun 13, 2026 | 07:16 PM
Europe Mission पर PM Modi! क्यों बढ़ी दुनिया की नजर? क्या है भारत का सीक्रेट प्लान?
Jun 13, 2026 | 05:11 PM
घर में घुसकर मारेंगे… CM योगी ने दी कड़ी चेतावनी; रक्षा नीति में पुरानी सरकार की खोली पोल- देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:51 PM
गाजियाबाद में ‘जिम-जिहाद’ पर प्रशासन सख्त, पहचान छुपाने वाले ट्रेनरों में हड़कंप; देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:37 PM














