Bihar Chunav Results: NDA दोहराएगा 2010…या RJD रिपीट करेगी 1995, कौन बनेगा बिहार का अगला मुखिया?
Bihar Assembly Election Results: बिहार चुनाव के नतीजों से पहले नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी यादव की लीडरशिप वाले महागठबंधन ने जीत का दावा किया है।
- Written By: अभिषेक सिंह
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
Bihar Election Results: बिहार में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर मतगणना अब से बस कुछ ही देर में शुरू होने वाली है। चुनाव नतीजों से पहले यहां नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी यादव की लीडरशिप वाले महागठबंधन ने जीत का दावा किया है। हालांकि, इस बात से पर्दा थोड़ी ही देर में उठने वाला है।
बिहार में इस बार दो चरणों में विधानसभा चुनाव आयोजित किए गए थे। पहले चरण में 6 नवंबर को तो दूसरे फेज के लिए 11 नवंबर को मतदान हुआ था। दोनों ही चरणों में बंपर वोटिंग देखने को मिली है। जिसमें कुल 66.91 फीसदी मतदान हुआ है। इसमें 62.8 परसेंट पुरुषों तो 71.6 फीसदी महिलाओं ने वोट डाला है।
बिहार में वापसी करेंगे नीतीश कुमार?
11 नवंबर को दूसरे चरण के मतदान के बाद एग्जिट पोल्स भी सामने आ गए। जिसमें से डीबी लाइव और जर्नों मिरर को छोड़कर तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा एजेंसियों ने बिहार में बंपर बहुमत के साथ नीतीश कुमार की वापसी का अनुमान लगाया है। वहीं, डीबी लाइव और जर्नो मिरर ने महागठबंधन की सरकार बनने का दावा किया है।
सम्बंधित ख़बरें
शिक्षामंत्री फुंकवाते हैं और स्वास्थ्य मंत्री…बिहार सरकार पर तेजस्वी का तंज, बोले- सरकार ने जनता को ठगा
ललन सिंह के एक बयान से बिहार NDA में हड़कंप, बताया नीतीश कुमार ने सम्राट को क्यों चुना अपना उत्तराधिकारी
बिहार में बड़ा सियासी उलटफेर, नीतीश के हटते ही JDU पर भारी पड़ी RJD; सम्राट राज में NDA की पहली हार
रंगासामी युग की शुरुआत, 5वीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने एन. रंगासामी, बीजेपी अध्यक्ष भी रहे मौजूद
इन दो एग्जिट पोल्स में टाइट-फाइट
इसके अलावा एआई पॉलिटिक्स और एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में एनडीए के लिए मामूली बढ़त की भविष्यवाणी करते हुए टाइट फाइट का अनुमान लगाया गया है। इस सबके इतर दोनों ही खेमों के अपने-अपने जीत के, रिकार्ड बनाने के और इतिहास रचने के दावे हैं।
क्या NDA तोड़ेगा 2010 का रिकॉर्ड?
एनडीए की तरफ से कुछ नेताओं का कहना है कि बिहार में इस बार 2010 का रिकॉर्ड भी टूटने जा रहा है। 2010 में एनडीए को 206 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। नीतीश कुमार की जेडीयू को 115 सीटों पर विजश्री मिली थी तो भारतीय जनता पार्टी को 91 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। जबकि राजद महज 22 सीटों पर सिमट गई थी।
यह भी पढ़ें: Exit Poll में बंपर बहुमत…फिर भी क्यों उड़ी है नीतीश की नींद? Result से पहले सामने आए दो बड़े कारण
हालांकि, राजनैतिक विश्लेषण एनडीए नेताओं के इस दावे को अतिउत्साही करार दे रहे हैं। इसके पीछे तर्क यह है कि जब जेडीयू इस बार 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है तो 2010 कैसे दोहरा सकती है। वहीं, भाजपा के लिए भी 101 सीटों में 91 सीटों पर जीत हासिल करना बड़ी बात होगी। बाकी 41 सीटों पर लड़ रहने उनके सहयोगियों पर भी नजरें रहेंगी।
बिहार में आएगा 1995 जैसा नतीजा?
दूसरी तरफ महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव ने ही 1995 से भी बेहतर रिजल्ट की उम्मीद जताते हुए 18 नवंबर को शपथ ग्रहण की तारीख घोषित कर दी है। जबकि एग्जिट पोल्स में तस्वीर कुछ और ही दिख रही है। इसके अलावा 1995 में लालू यादव अपने सियासी शबाब पर थे और आरजेडी की जगह जनता दल था।
