नीतीश कुमार और भाई वीरेंद्र।
Nitish Kumar and Bhai Virendra News : बिहार विधानसभा में गुरुवार का दिन चर्चाओं में रहा। सदन के अंदर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बीच कपड़ों और दवा को लेकर ऐसी नोकझोंक हुई कि पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। लेकिन, इस हास्य-परिहास के शोर में एक बेहद गंभीर और जानलेवा मुद्दा-आर्सेनिक युक्त पानी दबकर रह गया।
पटना के मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र जब सदन में अपनी बात रख रहे थे, तभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नजर उनके पहनावे पर गई। सीएम ने मजाकिया अंदाज में टोकते हुए पूछा, इतना कपड़ा क्यों पहने हुए हैं? इस पर भाई वीरेंद्र ने भी तुरंत जवाब दिया, आप ही न दिए हैं, भूल जाते हैं क्या? इसलिए कहता हूं कि समय पर दवा खाइए, नहीं तो भूल जाते हैं। माहौल को हल्का करते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी चुटकी ली और कहा कि मुख्यमंत्री बस आपकी फिक्र कर रहे हैं कि इतनी ठंड नहीं है कि आप इतने कपड़े लाद लें।
भले ही सदन का माहौल मजाकिया रहा, लेकिन हकीकत यह थी कि भाई वीरेंद्र उस वक्त बिहार के एक बड़े हिस्से की जानलेवा समस्या आर्सेनिक पानी पर बहस कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र में लोग जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं और सरकार के आंकड़े हकीकत से कोसों दूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि वे स्वयं साथ चलकर पानी की जांच करवाएं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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विपक्ष के इस गंभीर सवाल पर विभागीय मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए स्थिति को सामान्य बताया। जब भाई वीरेंद्र ने असहमति जताई तो विधानसभा स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें यह कहकर बिठा दिया कि माननीय सदस्य आपकी तबीयत ठीक है तो बैठ जाइए, जनता को सरकार देख लेगी। बिहार के बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय और भागलपुर समेत 18 जिले इस समय आर्सेनिक की समस्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी में मौजूद यह धीमा जहर कैंसर, त्वचा रोग और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण है। सदन में हुई यह हंसी-मजाक भले वायरल हो जाए, लेकिन उन लाखों लोगों के लिए यह खबर निराशाजनक है जो हर दिन अपनी प्यास बुझाने के साथ-साथ बीमारियों को न्योता दे रहे हैं।