लालू प्रसाद यादव। इमेज-सोशल मीडिया
Lalu Prasad Yadav News : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार के लिए कानूनी मोर्चे पर आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को बहुचर्चित आईआरसीटीसी (IRCTC) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
विशेष न्यायाधीश ने मामले की लंबी सुनवाई के बाद यह निर्णय सुरक्षित रखा। कयास लगाए जा रहे हैं कि अदालत 3 मार्च को अपना फैसला सुनाएगी कि क्या आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले में लालू प्रसाद के अलावा पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव सहित कई अन्य को आरोपी बनाया है।
मामला करीब दो दशक पुराना है। तब लालू प्रसाद यादव यूपीए-1 सरकार (2004-2009) में रेल मंत्री थे।
साजिश का आरोप : जांच एजेंसियों के मुताबिक, लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए आईआरसीटीसी के दो होटलों (रांची और पुरी) के रखरखाव का ठेका निजी कंपनी सुजाता होटल्स को दिलवाया था।
अनुचित लाभ : बदले में सुजाता होटल्स के मालिकों ने पटना में एक कीमती जमीन का टुकड़ा कथित तौर पर लालू परिवार की मुखौटा कंपनी को बेहद कम दाम पर हस्तांतरित किया था।
किरदार : इसमें राजद सांसद प्रेमचंद गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता (सुजाता होटल्स की मालकिन) की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
2017 : सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की। उसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
2018-19 : ईडी ने लालू परिवार की करोड़ों की संपत्ति कुर्क की और चार्जशीट दाखिल की।
2023-24 : मामले में पूछताछ का दौर चला और अब अदालत आरोप तय करने की दहलीज पर है।
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3 मार्च को कोर्ट आरोप तय करने का आदेश देती है तो लालू परिवार को नियमित ट्रायल का सामना करना होगा, जो बिहार की सियासत में हलचल पैदा कर सकता है। फिलहाल सबकी नजरें राउज एवेन्यू कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं।