‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ में CM नीतीश पर भड़के PK, महिला सुरक्षा पर बोले- ऐसी सरकार चुनोंगे तो ऐसा ही होगा
Bihar News: प्रशांत किशोर ने बिहार में डबल इंजन सरकार पर हमला किया, संगठन मजबूत करने और महिलाओं को ₹10 लाख दिलाने की योजना बताई, लोकतांत्रिक अधिकार और बढ़ती अपराध पर भी चर्चा की।
- Written By: अक्षय साहू
Prashant Kishor slams CM Nitish Kumar: बिहार विधानसभा में हार के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने फिर से ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ शुरू की। हाल ही में वे बेतिया पहुंचे, जहां उन्होंने डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने पार्टी संगठनों और साथियों से मिलकर संगठन को मजबूत बनाने और बिहार में महिलाओं को दिए जाने वाले ₹10 लाख की मदद सुनिश्चित करने की बात कही। किशोर ने कहा कि मई के अंत तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभार्थियों को उनकी राशि मिले। उन्होंने विपक्षी नेताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की भी बात उठाई, खासकर राहुल गांधी के मामले में। किशोर ने कहा कि डबल इंजन सरकार के वादे जैसे कानून व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का स्थिति पर कोई असर नहीं दिख रहा, बल्कि भ्रष्टाचार और अपराध में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने जनता को चेतावनी दी कि गलत वोट देने का परिणाम गलत होगा। उन्होंने जातिगत जनगणना, यूजीसी विवाद और सेना अध्यक्ष की किताब को लेकर उठाए गए विवादों पर भी संक्षेप में अपनी राय दी।
Prashant Kishor slams CM Nitish Kumar: बिहार विधानसभा में हार के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने फिर से ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ शुरू की। हाल ही में वे बेतिया पहुंचे, जहां उन्होंने डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने पार्टी संगठनों और साथियों से मिलकर संगठन को मजबूत बनाने और बिहार में महिलाओं को दिए जाने वाले ₹10 लाख की मदद सुनिश्चित करने की बात कही। किशोर ने कहा कि मई के अंत तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभार्थियों को उनकी राशि मिले। उन्होंने विपक्षी नेताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की भी बात उठाई, खासकर राहुल गांधी के मामले में। किशोर ने कहा कि डबल इंजन सरकार के वादे जैसे कानून व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का स्थिति पर कोई असर नहीं दिख रहा, बल्कि भ्रष्टाचार और अपराध में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने जनता को चेतावनी दी कि गलत वोट देने का परिणाम गलत होगा। उन्होंने जातिगत जनगणना, यूजीसी विवाद और सेना अध्यक्ष की किताब को लेकर उठाए गए विवादों पर भी संक्षेप में अपनी राय दी।
