SMS में आया एक लिंक और उड़ गए 6 लाख रुपये! फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज से कैसे खाली हुआ बैंक अकाउंट
Online Fraud: एक छोटी-सी लापरवाही लोगों की सालों की कमाई पल भर में साफ कर रही है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ SMS से 6 लाख रुपये कट गए।
- Written By: सिमरन सिंह
Traffic Challan Scam (Source. AI)
Traffic Challan SMS: आज के डिजिटल दौर में साइबर ठगी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। एक छोटी-सी लापरवाही लोगों की सालों की कमाई पल भर में साफ कर रही है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति को SMS में आया ट्रैफिक चालान भरने का मैसेज भारी पड़ गया और उसके बैंक अकाउंट से पूरे 6 लाख रुपये कट गए। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है, जो हर मोबाइल यूजर के लिए चेतावनी है।
कैसे शुरू हुआ पूरा खेल?
पीड़ित के मोबाइल पर एक SMS आया, जिसमें लिखा था कि उसका 500 रुपये का ट्रैफिक चालान कटा है। मैसेज में एक लिंक भी दिया गया था, जिसे देखकर यह पूरी तरह असली लग रहा था। अक्सर लोग जल्दबाजी में ऐसे मैसेज को सच मान लेते हैं और बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर देते हैं। इसी गलती ने इस व्यक्ति को भारी नुकसान में डाल दिया।
लिंक पर क्लिक करते ही ठगों को मिला एक्सेस
जैसे ही पीड़ित ने चालान भरने के लिए लिंक खोला और पेमेंट डिटेल्स डालने की कोशिश की, वैसे ही ठगों को उसके मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच मिल गई। साइबर अपराधियों ने बैकग्राउंड में फोन का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया और कुछ ही देर में अकाउंट से कई ट्रांजैक्शन कर डाले। पुलिस के अनुसार, कुल मिलाकर लगभग 6 लाख रुपये ठगों ने उड़ा लिए।
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नकली वेबसाइट और खतरनाक सॉफ्टवेयर का जाल
साइबरक्राइम अधिकारियों का कहना है कि ऐसे फ्रॉड ज्यादातर फर्जी वेबसाइट्स के जरिए किए जाते हैं, जो दिखने में बिल्कुल सरकारी पोर्टल जैसी होती हैं। कई बार इन लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में नुकसान पहुंचाने वाला सॉफ्टवेयर या मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। इसके बाद ठग फोन की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और सही समय पर अकाउंट खाली कर देते हैं। अधिकारियों ने साफ कहा है कि ट्रैफिक डिपार्टमेंट कभी भी SMS, ईमेल या WhatsApp पर डायरेक्ट पेमेंट लिंक नहीं भेजता।
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ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
अगर आप इस तरह की ठगी से बचना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।
- ट्रैफिक चालान भरने के लिए केवल Parivahan वेबसाइट या राज्य ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक साइट का ही इस्तेमाल करें।
- किसी भी लिंक पर क्लिक करने के बजाय खुद वाहन नंबर डालकर चालान की जानकारी चेक करें।
- अनजान लिंक पर कार्ड डिटेल, पिन या OTP डालने से बचें।
- ऑफिशियल ऐप स्टोर के अलावा किसी भी लिंक या APK से ऐप डाउनलोड न करें।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
एक छोटी सी गलती लाखों का नुकसान कर सकती है। इसलिए हर SMS या लिंक पर आंख बंद करके भरोसा न करें। जागरूक रहें, सतर्क रहें और साइबर ठगों के जाल से खुद को और अपने पैसे को सुरक्षित रखें।
