शादी का कार्ड समझकर न करें एक क्लिक, इंदौर में नेता के नाम से वायरल हुआ साइबर ठगी का नया जाल
Cyber Fraud: इंदौर में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया कि लोग पहले चौंके और फिर सतर्क हो गए। मामला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव यादव के नाम से है।
- Written By: सिमरन सिंह
Fake Wedding Card on whatsapp (Source. Design)
Fake Wedding Card: इंदौर में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया कि लोग पहले चौंके और फिर सतर्क हो गए। मामला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव यादव के नाम से जुड़े एक फर्जी डिजिटल शादी निमंत्रण कार्ड का है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। यह कार्ड देखने में बिल्कुल असली लग रहा था औपचारिक भाषा, शादी की तारीख और नीचे एक लिंक, जिस पर क्लिक करने की अपील की गई थी। यहीं से ठगी का शक गहराने लगा।
मोबाइल पर पहुंचा कार्ड, तारीख भी लिखी थी
शहर के कई लोगों के मोबाइल फोन पर जब यह इनविटेशन कार्ड आया तो उन्होंने इसे सामान्य निमंत्रण समझा। कार्ड पर साफ लिखा था 24 फरवरी 2026। डिजाइन और भाषा इतनी सधी हुई थी कि किसी को तुरंत शक नहीं हुआ। लेकिन कुछ सतर्क लोगों की नजर लिंक पर गई, जिसने उन्हें रुकने पर मजबूर कर दिया। जब यही कार्ड खुद सदाशिव यादव तक पहुंचा, तो वे भी हैरान रह गए। उन्होंने साफ किया कि यह कार्ड पूरी तरह फर्जी है और उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
सदाशिव यादव ने किया अलर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदाशिव यादव ने तुरंत सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के जरिए लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर इस तरह का कार्ड फैलाया जा रहा है। उन्होंने सभी परिचितों, कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों से अपील की कि इस कार्ड में दिए गए किसी भी लिंक को न खोलें और न ही इसे आगे फॉरवर्ड करें।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे: ऑनलाइन गेमिंग से लाखों की ठगी करने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार, दुबई से जुड़ा है मास्टरमाइं
इंदौर: ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के अंतिम दिन पर्यावरण संरक्षण का संदेश, मेघदूत उपवन में बनी ‘ब्रिक्स वाटिका’
श्याम टेलर के दौरे से पहले बैनर-पोस्टरों से पटा इंदौर, शहर की खूबसूरती पर लगा राजनीतिक रंग
Credit Card Scam: क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट के नाम पर ठगी का नया पैंतरा, जानें कैसे सुरक्षित रखें अपना पैसा
कैसे काम करता है यह साइबर ठगी का तरीका
जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला साइबर ठगी से जुड़ा हो सकता है। अक्सर ठग फर्जी शादी कार्ड, कूरियर नोटिस या इवेंट लिंक भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है या उसे फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर बैंकिंग और निजी जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में सिर्फ एक क्लिक से पूरा मोबाइल डेटा खतरे में पड़ जाता है।
ये भी पढ़े: Valentine’s Day पर बड़ा तोहफा: 50 हजार से भी कम में मिल रहा iPhone 17, जानिए पूरी डील
पुलिस और साइबर सेल हरकत में
शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर सेल सक्रिय हो गई। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा, “प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी कार्ड किस प्लेटफॉर्म से बनाया गया और सबसे पहले किस अकाउंट से शेयर हुआ।” पुलिस डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, डिजिटल कार्ड या संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें, भले ही वह किसी परिचित या बड़े नाम से ही क्यों न आया हो। लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें।
