

Auto Sector Sales Decline: अगस्त के महीने में देखा गया कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काफी निराशाजनक गिरावट आई है। पैसेंजर वाहनों से लेकर टू व्हीलर तक कई बड़ी कंपनियों की बिक्री में गिरावट को देखा गया है और जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इस स्थिति की वजह नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर घोषित GST Reform है। उपभोक्ता नहीं दर का इंतजार कर रहे हैं ताकि वह कम कीमत पर वाहन को खरीद सके।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA), जो देशभर के 15,000 से अधिक डीलरों का प्रतिनिधित्व करता है, ने सरकार को पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि GST स्लैब में सुधार लागू करने में देर हुई तो त्योहारी सीजन की बिक्री प्रभावित हो सकती है। FADA ने अपने पत्र में कहा था, "वाहनों की कीमतों में संभावित कटौती को देखते हुए ग्राहक फिलहाल नई गाड़ियों की खरीदारी टाल रहे हैं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि दिवाली से पहले जीएसटी स्लैब में सुधार लागू होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि स्लैब घटाकर सिर्फ दो कर दिए जाएंगे। छोटी कारों पर टैक्स दर 28% से घटकर 18% होने की संभावना है, जिससे कीमतें करीब 7-8% तक कम हो सकती हैं।
इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त 2025 में पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट की बिक्री 7.3% घटकर 3,30,000 यूनिट पर आ गई, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 3,56,000 यूनिट थी। यह लगातार चौथा महीना है जब गिरावट दर्ज की गई है।
मारुति सुजुकी
हुंडई मोटर इंडिया
महिंद्रा
टाटा मोटर्स
ऑटो सेक्टर में इस समय सबसे बड़ा दबाव जीएसटी रिफॉर्म्स के ऐलान को लेकर है। पैसेंजर कारों की बिक्री पर इसका सीधा असर पड़ा है, जबकि टू-व्हीलर कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। आने वाले त्योहारी सीजन में बाजार की असली तस्वीर तभी साफ होगी जब सरकार नए स्लैब लागू करेगी।