
Delhi EV policy में क्या कुछ होगा खास। (सौ. Design)
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार राजधानी में प्रदूषण स्तर घटाने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई ‘दिल्ली ईवी पॉलिसी’ लाने की तैयारी में है। हालांकि पहले आए ड्राफ्ट को लेकर खासा विवाद खड़ा हुआ था, खासकर सीएनजी ऑटोरिक्शा पर प्रतिबंध लगाने और उनकी जगह इलेक्ट्रिक ऑटो को प्रमोट करने के प्रावधान को लेकर।
सरकार ने इस विवाद के बाद ईवी पॉलिसी को नए सिरे से तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। यह कमेटी 12 बिंदुओं पर विचार कर एक संतुलित और व्यवहारिक ईवी नीति का मसौदा तैयार करेगी।
नई ईवी नीति में निम्नलिखित अहम विषयों पर निर्णय लिया जाएगा:
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, कमेटी ईवी ट्रांजिशन पर साइंटिफिक स्टडी के आधार पर योजना तैयार करेगी और एक वर्ष में कैसे सीएनजी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदला जा सकता है, इसका विस्तृत खाका पेश करेगी।
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नई नीति को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की योजना है। इसके तहत हर वर्ष फ्लाईओवर के नीचे कितने सरकारी और निजी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा सकते हैं, उस पर विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
इस कमेटी में IIT दिल्ली के प्रोफेसर के. रामचंद्र राव को शामिल किया गया है, जो ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड इंजरी प्रिवेंशन सेंटर के प्रमुख हैं। साथ ही, नीति आयोग के सलाहकार और डीटीसी के एमडी शुद्धेंदु ज्योति सिन्हा भी इस कमेटी का हिस्सा हैं। दोनों विशेषज्ञों की भूमिका दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण होगी।






