
मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrashekhar Bawankule Statement : महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। महायुति उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर विपक्षी हमलों का जवाब देते हुए भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इसे ‘विकास की राजनीति’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्विरोध चयन चुनाव आयोग के नियमों के दायरे में है।
छत्रपति संभाजीनगर के चिकलथाना हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि निर्विरोध चुनाव जीतना लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ परंपरा है। उन्होंने उद्धव ठाकरे की उन मांगों को खारिज कर दिया, जिसमें 68 वार्डों के परिणाम रद्द करने की अपील की गई थी। बावनकुले ने तर्क दिया कि जब उम्मीदवार निर्विरोध चुना जाता है, तो उसका पूरा ध्यान केवल क्षेत्र के विकास पर होता है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि यदि उन्हें प्रक्रिया पर संदेह है, तो वे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
मंत्री बावनकुले ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर सीधा निशाना साधा। राज ठाकरे द्वारा भाजपा पर लगाए गए ‘दोहरे मापदंड’ के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की तुलना महाराष्ट्र से करना गलत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रैलियों में जुटने वाली भीड़ हमेशा वोटों में तब्दील नहीं होती। उनके अनुसार, भीड़ जुटाना एक बात है और जनता का विश्वास जीतकर चुनाव जीतना दूसरी बात है।
वीबीए नेता सुजात आंबेडकर के उस दावे पर भी बावनकुले ने सफाई दी, जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे भाजपा में शामिल हो सकती हैं। बावनकुले ने इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि शिंदे ने किसी भी भाजपा नेता से संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के किसी के राजनीतिक करियर पर इस तरह के आरोप लगाना अनुचित है।
यह भी पढ़ें:- ‘मुस्लिम महिला बनेंगी मुंबई की मेयर’, फडणवीस के बयान पर वारिस पठान का पलटवार, छिड़ा सियासी संग्राम
मंत्री ने याद दिलाया कि स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों में निर्विरोध निर्वाचन का इतिहास पुराना है। यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित एक वैध प्रक्रिया है। उन्होंने दोहराया कि महायुति की प्राथमिकता राज्य का विकास है और जनता उनके काम पर मुहर लगा रही है।






