बताशे 80 से बढ़कर 120 रुपये किलो पहुंचे
खोये, बेसन और मेवे की मिठाइयां 25-30% महंगी
लइया, खील और चूड़ा 10-20 रुपये किलो तक महंगे
महंगाई के चलते चीनी के खिलौनों की बिक्री में कमी
Sugar Price Hike: लगातार मंहगी होती जा रही चीनी ने इस बाद दीवाली का स्वाद फीका कर दिया है। दीवाली पर मुहूर्त पूजा में इस्तेमाल होने वाले चीनी के खिलौनों की कीमत इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। मंहगी कीमत के चलते इस बार चीनी के खिलौने बन भी कम रहे हैं और बिक्री भी कम हो रही है। राजधानी लखनऊ के खुदरा बाजारों में चीनी के खिलौने 160 रूपये से लेकर 200 रूपये किलो बिक रहे हैं जो पिछले साल से 50 फीसदी अधिक कीमत है। खोये-बेसन व मेवे से बनने वाली मिठाइयों की कीमत में भी 25 से 30 फीसदी तेजी आई है।
इतना ही नहीं नयी फसल की आमद के साथ ही धान की कीमत में भी पिछले साल की तुलना में इजाफा हुआ है जिसके चलते दीवाली में बिकने वाला लइया, खील और चूड़ा भी मंहगा हो चला है। चावल से तैयार होने वाला लइया, खील और चूड़ा इस बार पिछले साल के मुकाबले 10 से 20 रूपये किलो मंहगा बिक रहा है।
राजधानी लखनऊ के पुराने इलाके गणेशगंज में मशहूर बताशे वाली गली में कारोबारी बताते हैं कि बीते साल की दीवाली में चीनी कीमत 45 रूपये किलो थी। इस साल 65 रूपये के भाव चल रही है। लिहाजा चीनी से बनने वाले खिलौनों की कीमत में आग लग गई है। उनका कहना है कि चीनी के खिलौनों में टूट-फूट अधिक होती है जिसके चलते कीमत ज्यादा होती है। पिछले साल 100 रूपये भाव मिलने वाले खिलौने इस बार 160 रूपये से शुरू हो रहे हैं और अच्छी क्वालिटी की कीमत तो 200 रूपये हो गयी है। वहीं बताशे की कीमत पिछले साल के 80 रूपये के मुकाबले इस बार 120 रूपये किलो पहुंच गई है।
चीनी के खिलौने मंहगे होने के चलते बिक्री भी कम हो रही है। खुदरा कारोबारियों का कहना है बहुत से लोग इस साल महज पूजन व शगुन के लिए ही बहुत थोड़ी मात्रा में चीनी के खिलौने खरीद रहे हैं। कीमत के चलते गांवों व कस्बों तक में बिक्री पर असर पड़ा है। गणेशगंज में चीनी के खिलौने बनाने वाले वीरेंद्र दद्दू का कहना है कि चीनी मिलें चलने लगी हैं और आने वाले दो हफ्तों में ही नया स्टाक आ जाएगा। उस समय कीमतें गिरेंगी लिहाजा अभी बहुत ज्यादा माल भी नहीं बनाया जा रहा है।
चीनी की कीमतों का असर अच्छी मिठाइयों की बिक्री पर भी पड़ा है। खोये बेसन वगैरा से बनने वाली मिठाई इस बार पहले के मुकाबले 25-30 फीसदी ज्यादा दामों पर बिक रही हैं। खाड़ी संकट और पैदावार में गिरावट से मेवे भी मंहगे हुए हैं।
लखनऊ में मशहूर त्रिवेदी मिष्ठान के मालिक के मुताबिक लोगों ने इस दीवाली पर मिठाई खरीदने का ट्रेंड बदल दिया है। अब अच्छी पैकिंग में कम वजन के साथ मिठाई बिक रही है। उनका कहना है कि एक किलो की जह 900 ग्राम वाले पैक की सबसे ज्यादा डिमांड है वहीं 500 ग्राम का पैक भी खूब बिक रहा है। उनके अनुसार इससे कीमते कुछ न कुछ पिछले साल के स्तर को मैच कर जा रही हैं और ग्राहकों की जेब पर कम असर पड़ रहा है।