

खाली पेट मिठाई खाने से बचें और मात्रा का ध्यान रखें।
मिठाई के बाद हल्की वॉक करने की आदत अपनाएं।
गुड़ और शहद को शुगर-फ्री विकल्प समझने की गलती न करें।
Diabetes Diet During Diwali: दिवाली के त्योहार मिठाइयों के बिना अधूरा होता है। जगमगाते दिए, पटाखे, मेहमान और उनके मिठाइयों का स्वाद लेना त्योहार का हिस्सा होता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए मिठाई खाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
खासकर एक साथ कई मिठाइयां खाने या खाली पेट मीठा खाने से ब्लड ग्लूकोज तेजी से बढ़ता है। ऐसे में कुछ छोटी आदतें अपनाकर मिठाई खाने के बाद ब्लड शुगर के अचानक बढ़ने के जोखिम को कम किया जा सकता है।
सुबह उठते ही या लंबे समय तक भूखे रहने के बाद सीधे मिठाई खाने से बचें। मिठाई खाने से पहले पहले संतुलित भोजन करें और फिर थोड़ी मिठाई खाएं। इससे एक बार में बहुत ज्यादा मीठा खाने से बचेंगे।
दिवाली में थाली में काजू कतली, लड्डू, गुलाब जामुन और बर्फी जैसी कई मिठाइयां होती है, लेकिन एक साथ कई मिठाइयां खाने से कुल कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए अपनी पसंद की एक छोटी मिठाई चुनें और उसका स्वाद लें।
मिठाई खाने से पहले या उसके साथ दाल, पनीर, दही, सलाद और हरी सब्जियों जैसे विकल्प भोजन में जरूर शामिल करें। प्रोटीन, फैट और फाइबर के साथ कार्बोहाइड्रेट लेने से ग्लूकोज का एब्जॉर्बशन धीमा हो जाता है।
मिठाई या भोजन के बाद लगातार सोफे पर बैठने के बजाय 10-15 मिनट हल्की वॉक कर सकते हैं। पैदल चलने से मांसपेशियां ग्लूकोज का इस्तेमाल करती हैं और ब्लड शुगर मैनेज करने में मदद मिलती है। अपनी सेहत के अनुसार गतिविधि चुनें।
कई बार मिठाई के साथ मीठी ड्रिंक लेने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट की कुल मात्रा बढ़ जाती है। इसकी जगह सादा पानी, सादी छाछ या बिना चीनी वाली ड्रिंक चुनें। पैकेज्ड फ्रूट जूस को भी हेल्दी समझकर ज्यादा न पिएं।
कई लोगों के लगता है कि सफेद चीनी की जगह गुड़, शहद या खजूर से बनी मिठाई खाने पर ब्लड शुगर नहीं बढ़ेगा। लेकिन इनमें भी शुगर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इसलिए इन्हें भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
यह सोचकर लंच या ब्रेकफास्ट छोड़ देना कि शाम को पार्टी में खाएंगे, सही तरीका नहीं है। ज्यादा भूख लगने पर जरूरत से ज्यादा खाने की आशंका रहती है। अपने नियमित भोजन का समय बनाए रखें और पार्टी में जाने से पहले भी संतुलित खाना खाएं।
अगर आपको डायबिटीज है और डॉक्टर ने ग्लूकोमीटर से शुगर जांचने की सलाह दी है, तो उनके बताए समय पर रीडिंग लें। आमतौर पर भोजन शुरू करने के 1-2 घंटे बाद की रीडिंग से पता चलता है कि किसी खास मिठाई या भोजन का आपके ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ा। अपनी रीडिंग का रिकॉर्ड रखें।
डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं है कि आपको त्योहार पर मिठाई पूरी तरह से छोड़नी होगी। सही मात्रा, कार्बोहाइड्रेट की गिनती और संतुलित भोजन के साथ अपनी पसंद की मिठाई सीमित मात्रा में लें।