MS Dhoni 100 Crore Defamation Case Update: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी से जुड़े 100 करोड़ रुपये के मानहानि केस में मद्रास हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार की उन अर्जियों को स्वीकार कर लिया है, जिनमें उन्होंने धोनी का बयान रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया को लेकर कई मांगें रखी थीं।
ये मामला 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी विवाद से जुड़ा है। धोनी ने खुद को इस मामले से जोड़ने वाले कथित बयानों को लेकर संपत कुमार और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था।
संपत कुमार की ओर से कोर्ट में तीन प्रमुख मांगें रखी गई थीं।
पहली मांग- धोनी का बयान रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक न्यायिक अधिकारी नियुक्त किया जाए।
दूसरी मांग- धोनी का बयान रिकॉर्ड करते समय पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए। साथ ही बिना एडिट की गई वीडियो की कॉपी संपत कुमार और कोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी को दी जाए।
तीसरी मांग- धोनी का बयान कोर्ट परिसर या किसी सरकारी इमारत में रिकॉर्ड किया जाए। संपत कुमार की ओर से दलील दी गई कि धोनी एक क्रिकेटर हैं, इसलिए उनका बयान किसी फाइव स्टार होटल या निजी बंगले में रिकॉर्ड नहीं किया जाना चाहिए।
संपत कुमार के वकीलों ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने मामले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उस मामले में दिए गए आदेश को देखते हुए उनकी अर्जियों को स्वीकार किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जांच करने के बाद जस्टिस के. गोविंदराजन थिलकवादी ने संपत कुमार की अर्जियों को मंजूरी दे दी। हालांकि, कोर्ट ने ये भी साफ किया कि अर्जियों को नंबर दिए जाने के बाद एमएस धोनी को काउंटर एफिडेविट यानी जवाबी हलफनामा दाखिल करने का मौका दिया जाएगा।
इस मामले में पिछले साल 11 अगस्त को जस्टिस सीवी कार्तिकेयन ने ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया था। उस समय वकील जी. जयश्री को एमएस धोनी का बयान दर्ज करने के लिए कमिश्नर नियुक्त किया गया था। संपत कुमार ने इस नियुक्ति का विरोध किया था और इसके खिलाफ याचिका दायर की थी।
हालांकि, जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और मोहम्मद शफीक की डिवीजन बेंच ने पिछले साल 4 नवंबर को उनकी अपील खारिज कर दी थी। अब मद्रास हाई कोर्ट द्वारा संपत कुमार की तीनों अर्जियों को मंजूरी दिए जाने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।