

India Nepal Flood Relief: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है। लोग अपने घरों को छोड़ कर पलायन करने को मजबूर हो चुके है। वही इस संकट के समय में भारत ने नेपाल का साथ न छोड़ते हुए अपनी मदद जारी रखी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को बताया कि भारत का पांचवां राहत विमान नेपाल के लिए रवाना हो गया है। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी दी।
जयशंकर ने बताया कि इस विमान में 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष बचाव उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं। भारत अब तक नेपाल के लिए 68 टन से अधिक राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेज चुका है। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, मजबूत तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके अलावा जरूरी दवाइयां, खाद्य पैकेट, सोलर लैंप, पानी शुद्ध करने की गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर भी नेपाल भेजे गए हैं।
नेपाल में बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1,127 से अधिक हो गई है। अलग-अलग जिलों में नदियों के किनारे लगातार शव मिलने से मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, अब तक 1,127 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 321 शव चितवन जिले में मिले हैं, जबकि नवलपरासी पूर्व जिले में 216 शव बरामद हुए हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक, लगभग 4,606 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नेपाल सरकार ने बताया कि, रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं में लापता लोगों की तलाश जारी है। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत और चीन ने इन परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की खोज और बचाव के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं।
वहीं, भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए नमूनों की जांच शुरू कर दी है। इस जांच का उद्देश्य बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में नेपाल की मदद करना है, ताकि प्रभावित परिवारों को सही जानकारी मिल सके और आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।