माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर तक 23.203 KM लंबा कॉरिडोर शुरू।
परियोजना की कुल लागत 8,313 करोड़ रुपये है।
करीब 90 महिला ट्रेन पायलट मेट्रो चलाएंगी।
परियोजना के कुल कर्मचारियों में 50% महिलाएं होंगी।
Pune Metro Inauguration And Phase 2 Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पुणे मेट्रो के विस्तार से शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को नई गति मिलेगी। हिंजवड़ी से शिवाजीनगर के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने से पुणे के बड़े आईटी हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे शहर के पुराने और नए इलाकों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुणे आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप, नवाचार और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क चालू था, जो अब बढ़कर करीब 1,200 किलोमीटर हो गया है।
देश के 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं और रोजाना एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं। भारतीय मेट्रो नेटवर्क आज दुनिया के तीन सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर मेट्रो कॉरिडोर-3 का उद्घाटन और पुणे मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में 2014 में महज 10 से 11 किलोमीटर मेट्रो लाइन चालू थी। आज राज्य में करीब 200 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क परिचालन में है, जबकि 680 किलोमीटर से अधिक के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। राज्य में मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर पर ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो से यात्रा का समय बचता है, शहरों की उत्पादकता बढ़ती है और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। पुणे मेट्रो-3 को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया गया है। सरकार और निजी क्षेत्र के साझा प्रयासों से शहरी विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने शहरों को विकास के नए केंद्र बनाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के अर्बन चैलेंज फंड को मंजूरी दी है। इससे आने वाले समय में शहरी क्षेत्रों में बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में 50 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट, मेट्रो, बिजली, पानी और गैस पाइपलाइन जैसी बुनियादी सुविधाओं में निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
महाराष्ट्र में प्रतिकूल मौसम के कारण परेशान किसानों को भरोसा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी हैं। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, सरकार हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने दिवाली के अवसर पर जरूरतमंद और संकटग्रस्त किसान परिवारों के साथ खुशियां बांटने की भी अपील की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे महानगर क्षेत्र (पीएमआर) में मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस, इनर रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, टनल और नए एयरपोर्ट जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 2030 तक पुणे महानगर क्षेत्र देश के प्रमुख मोबिलिटी हब के रूप में विकसित होगा।
उन्होंने कहा कि हिंजवड़ी देश के प्रमुख आईटी हब में शामिल है। यहां रोजाना हजारों कर्मचारी काम के लिए आते हैं और ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें एक से दो घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ती है। मेट्रो शुरू होने से आईटी सेक्टर के कर्मचारियों, खासकर युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का भूमिपूजन 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और अब उनके ही हाथों इसका उद्घाटन होना गर्व की बात है।
उन्होंने बताया कि शिवाजीनगर-हिंजवड़ी मेट्रो देश की पहली पीपीपी आधारित मेट्रो परियोजना है। इसे डीबीओटी मॉडल के तहत टाटा प्रोजेक्ट्स और सीमेंस ने तैयार किया है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग, वायबिलिटी गैप फंडिंग और महाराष्ट्र सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण के कारण परियोजना पूरी हो सकी।
फडणवीस ने इस मेट्रो को 'पिंक पावर्ड मेट्रो' बताते हुए कहा कि इसके निर्माण से लेकर संचालन तक महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि पुणे में करीब 120 किलोमीटर के मेट्रो मार्ग तैयार हो चुके हैं और कुछ अन्य मार्गों पर काम जारी है।
राज्य के 12 महानगरपालिका क्षेत्रों में मेट्रो सेवा चालू है या उसका निर्माण कार्य चल रहा है। मेट्रो केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाला माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे महानगर क्षेत्र के शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं।
पुणे मेट्रो को ग्रीन मेट्रो के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो अपनी जरूरत की करीब 30 प्रतिशत ऊर्जा खुद पैदा करेगी। मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों, रिंग रोड, सीएमटीआर और भूमिगत मार्गों के विकास से पुणे भविष्य में फ्रंटियर टेक्नोलॉजी का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पुणे मेट्रो-3 शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली परियोजना है। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और नागरिकों का सफर तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनेगा। उन्होंने कहा कि दिवाली के मौके पर पुणेकरों को मेट्रो की ऐतिहासिक सौगात मिली है। सरकार ने परियोजना को समय पर पूरा करने का वादा निभाया है।
शिंदे ने बताया कि पुणे मेट्रो-3 देश की पहली पीपीपी आधारित मेट्रो परियोजना है। इसे राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति-2017 के तहत डीबीएफओटी मॉडल पर तैयार किया गया है। उन्होंने पीएमआरडीए, महामेट्रो, टाटा प्रोजेक्ट्स, सीमेंस और परियोजना से जुड़े अधिकारियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना में महिलाओं की भागीदारी काफी महत्वपूर्ण रही है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मिसिंग लिंक परियोजना और पुणे रिंग रोड के निर्माण से भी यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। उन्होंने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पुणे के विकास में योगदान को भी याद किया।
शिंदे ने बताया कि अब तक 90 लाख से अधिक यात्री पुणे मेट्रो में सफर कर चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि नागरिकों ने सार्वजनिक परिवहन को स्वीकार किया है। सरकार पुणे को ट्रैफिक जाम से मुक्त और आधुनिक शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि पुणे मेट्रो कॉरिडोर-3 देश की पहली ऐसी मेट्रो परियोजना बनने जा रही है, जिसका संचालन पूरी तरह महिलाएं करेंगी। करीब 8,313 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना में लगभग 100 महिला ट्रेन पायलट और स्टेशनों पर 50 प्रतिशत महिला कर्मचारी तैनात रहेंगी।
उन्होंने कहा कि पुणे जैसे तेजी से बढ़ते शैक्षणिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक शहर में सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था समय की जरूरत है। सुनेत्रा पवार ने बताया कि पुणे मेट्रो फेज-2 के तहत चार नए कॉरिडोर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। करीब 31 किलोमीटर लंबे और 28 स्टेशनों वाले इन मार्गों के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 9,858 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।
इन विस्तार परियोजनाओं से वनाज-चांदणी चौक, रामवाड़ी-विठ्ठलवाड़ी, कोथरूड, बावधन, विमाननगर, खराड़ी और वाघोली जैसे इलाके मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेंगे। सभी परियोजनाएं पूरी होने के बाद पुणे का मेट्रो नेटवर्क 100 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आर.के. लक्ष्मण संग्रहालय और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के नाम पर बनने वाले स्टेशन शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को भी सम्मान देंगे।
उन्होंने मेट्रो परियोजना के विकास में दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के योगदान को याद करते हुए कहा कि डीपीआर तैयार करने से लेकर मंजूरी और फंड उपलब्ध कराने तक उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
हिंजवड़ी, माण और मारुंजी क्षेत्र में सड़क, यातायात, पानी, बिजली, कचरा प्रबंधन और मेट्रो कनेक्टिविटी की समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टास्क फोर्स बनाया गया है। मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने वाली आंतरिक सड़कों के लिए 426 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि हिंजवड़ी से शिवाजीनगर तक 23 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर के शुरू होने से पुणे मेट्रो नेटवर्क करीब 55 किलोमीटर तक विस्तारित होगा। इससे आईटी सेक्टर के कर्मचारियों सहित लाखों नागरिकों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि सितंबर महीने में पुणेकरों ने मेट्रो से 9 लाख 58 हजार 603 यात्राएं कीं। मेट्रो अब शहर की जीवनरेखा बन रही है।
मोहोल ने कहा कि खडकवासला-खराड़ी, वनाज-चांदणी चौक, रामवाड़ी-वाघोली और मानिकबाग-नल स्टॉप के बीच करीब 46 किलोमीटर के नए मेट्रो मार्गों का भी शिलान्यास किया गया है। इससे पुणे के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि मेट्रो विस्तार के साथ पीएमपी बसों की संख्या बढ़ाने, इनर और आउटर रिंग रोड तथा भूमिगत सड़कों के विकास पर भी काम किया जा रहा है।
इस मौके पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए), मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, मंत्री चंद्रकांत पाटिल, राज्यमंत्री माधुरी मिसाल और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
रूट: माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर।
कुल लंबाई: 23.203 किलोमीटर।
स्टेशन: कुल 23 एलिवेटेड स्टेशन।
परियोजना लागत: 8,313 करोड़ रुपये।
मॉडल: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी-डीबीएफओटी)।
महिला सशक्तीकरण: करीब 90 महिला ट्रेन पायलट मेट्रो चलाएंगी।
महिला कर्मचारी: परियोजना के कुल कर्मचारियों में 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
प्रमुख लाभ: हिंजवड़ी के आईटी हब को शिवाजीनगर से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
खास पहचान: देश की पहली 100 प्रतिशत महिला संचालित मेट्रो बनने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण है।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट