

CM देवेंद्र फडणवीस ने घाटकोपर के गरबा महोत्सव में मां जगदंबा की महाआरती में भाग लिया।
विभाग की ओर से 60 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि मुख्यमंत्री को सौंपी गई।
आयोजकों ने मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए 21 लाख रुपये का चेक दिया।
Devendra Fadnavis In Garba Festival: घाटकोपर पूर्व में आयोजित भव्य ‘रास रंग घाटकोपर 2026’ गरबा महोत्सव में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े,धर्मेश गिरी,आयोजक जीतू भाई मेहता सहित भाजपा के अन्य नगरसेवक मौजूद थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस घाटकोपर में ‘रास रंग घाटकोपर 2026’ गरबा महोत्सव में शामिल होने के बाद विक्रोली पहुंचे। यहां विधायक मिहिर मोटेच के नेतृत्व में आयोजित मराठी डांडिया कार्यक्रम में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां जगदंबा के चरणों में नमन कर आशीर्वाद लिया और महाआरती में भाग लिया।
धार्मिक उत्साह के बीच उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला। मराठी डांडिया के इस कार्यक्रम में पारंपरिक संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामुदायिक सहभागिता की झलक दिखाई दी। घाटकोपर और विक्रोली में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने नवरात्रि उत्सव की रौनक को और बढ़ाया।
घाटकोपर में आयोजित ‘रास रंग घाटकोपर 2026’ गरबा महोत्सव में धार्मिक उत्साह के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल भी देखने को मिली। इस अवसर पर घाटकोपर विभाग की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 60 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि सौंपी गई।
आयोजकों के अनुसार, इस राशि में मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए उनकी ओर से 21 लाख रुपये का चेक दिया गया। इसके अलावा अन्य 16 लोगों के सहयोग से एकत्र की गई राशि भी मुख्यमंत्री को सौंपी गई। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आर्थिक योगदान देना है।
गरबा महोत्सव के दौरान धार्मिक परंपराओं के साथ समाजसेवा को जोड़ने के इस प्रयास को आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। आयोजकों के अनुसार, इस राशि में उनकी ओर से मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए 21 लाख रुपये का चेक दिया गया।
इसके अलावा अन्य 16 लोगों के सहयोग से एकत्र की गई राशि भी मुख्यमंत्री को सौंपी गई। गरबा महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ जरूरतमंदों की सहायता के लिए किए गए इस आर्थिक योगदान को सामाजिक सेवा की पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।