

शिरसाट ने अगले 3-4 महीनों में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के संकेत दिए।
फडणवीस-उद्धव मुलाकात को नए गठबंधन का संकेत मानने से इनकार किया।
CM पद में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
Sanjay Shirsat On Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले तीन से चार महीनों में बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय शिरसाट के एक बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। उनके संकेतों के बाद एकनाथ शिंदे की दोबारा मुख्यमंत्री पद पर वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं।
शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय शिरसाट ने महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले तीन से चार महीनों में राज्य में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि संभावित घटनाक्रम किस तरह का होगा और इसका मौजूदा सरकार या गठबंधन के समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे महायुति सरकार में संभावित बदलाव और सत्ता के समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
एकनाथ शिंदे को आम लोगों से जुड़ा नेता बताते हुए शिरसाट ने उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने शिंदे को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की चर्चाओं का भी उल्लेख किया। इससे महायुति सरकार में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
वर्तमान में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महायुति सत्ता में है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है। हालांकि गठबंधन के घटक दलों के बीच राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और नेतृत्व को लेकर समय-समय पर अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं।
इधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच हुई मुलाकात के बाद भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा मिली है। शिरसाट ने इस मुलाकात को किसी नए राजनीतिक गठबंधन का संकेत मानने से इनकार किया।
फिलहाल मुख्यमंत्री पद में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसके बावजूद शिरसाट के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में अगले कुछ महीनों को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।