

HIGHLIGHTS
पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराई
पप्पू यादव बोले- धीरेंद्र शास्त्री को माफ नहीं करेंगे
मध्य प्रदेश के करैरा में श्रीकृष्ण के ऊपर की थी विवादित टिप्पणी
Pappu Yadav Vs Dhirendra Shastri: धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पप्पू यादव ने FIR दर्ज करवाई है। बता दें कि ये पूरा मामला 28 अक्टूबर का है जब धीरेंद्र शास्त्री मध्य प्रदेश के करैरा में एक कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और भगवान राम के स्वरूप व विशेषताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। जिसके बात राजनीतिक चहलकदमी तेज हो गई।
पप्पू यादव ने मामले में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामले में कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया 'X' पर कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे! सत्ता संरक्षित टुटपुंजिये फरेबी कथावाचक के खिलाफ आज मैं मुकदमा दर्ज कराने जा रहा हूं! कृष्ण कन्हैया जी को अपमानित कर ये मूर्ख बेईमान अब माफी मांगने की नौटंकी कर रहा है। इसे छोड़ेंगे नहीं, सजा दिलाकर ही मानेंगे।
28 अक्टूबर को कथावाचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए धीरेंद्र शास्त्री के एक बयान से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप है। जिसके बाद दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में सांसद पप्पू यादव और यादव समाज द्वारा उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कथावाचन के दौरान कहा था कि 'तुम अपने ठाकुर जी की एक भी फोटो देख लो, बैठे हैं ऐसे तो ऐसे...कहीं ऐसे। अगर तुम्हारे वाले (श्री कृष्ण) खड़े भी होते हैं तो तीन जगहों से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव, कमर कहीं लचकाएं, खोपड़िया ऐसी करें, ऐसी खोपड़िया करें, फिर बंसी बजाएं ऐसे टेढ़े करके।
इसके बाद उन्होंने भगवान राम की तुलना करते हुए कहा कि हमारे वाले तो खड़े भी होते हैं एकदम सीधे। हमारे वाले का नाम भी सीधा। हमारे वाले का चलना भी सीधा, हमारे वाले दिखते भी सीधे। तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा, चलते भी टेढ़े, खड़े भी टेढ़े होते हैं।'
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विवादित बयान को लेकर माफी भी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान राम एक ही हैं। दोनों में अंतर नहीं है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी की भावना को आहत करना या बंटवारा करना नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी के मन को ठेस पहुंची है तो वह क्षमा मांगते हैं।