Pune PMPML Bus Accident Sinhagad Road: सिंहगढ़ रोड पर पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) की बस के दरवाजे से गिरकर M.Tech छात्रा की स्कूल वैन के नीचे आने से हुई मौत के बाद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दर्दनाक हादसे के बाद नागरिकों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि जब ट्रैफिक पुलिस बाइक पर तीन सवारी या कार में क्षमता से अधिक यात्रियों पर तुरंत चालान करती है, तो क्षमता से अधिक भरी PMPML बसों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
शहर में रोजाना करीब 1,700 से 1,800 बसें संचालित होती हैं। इसके बावजूद पीक आवर्स में पर्याप्त बसें नहीं मिलने और समय सारणी का नियमित पालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी होती है। कई बार भीड़ इतनी अधिक होती है कि यात्री जान जोखिम में डालकर बस के पायदान पर लटककर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं।
भीड़भाड़ वाली बसों और बस स्टॉप पर होने वाली आपाधापी का फायदा जेबकतरे भी उठा रहे हैं। नागरिकों के मुताबिक, ठसाठस भरी बसों में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के मोबाइल फोन तथा गहने चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
PMPML प्रवासी मंच के अध्यक्ष जुगल राठी ने कहा कि परिवहन व्यवस्था में प्रबंधन की कमी दिखाई दे रही है। जिस रूट पर यात्रियों की भीड़ अधिक हो, वहां सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अतिरिक्त स्पेयर बसें तुरंत चलाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पीक आवर्स में यात्रियों की संख्या और बसों की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को क्षमता से अधिक भरी बसों में यात्रा करने की मजबूरी न हो।
सिंहगढ़ रोड की घटना ने सार्वजनिक परिवहन में यात्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नागरिकों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले रूट की नियमित निगरानी, बसों की क्षमता का पालन और पर्याप्त अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने के साथ भविष्य में ऐसे हादसों की आशंका को भी कम किया जा सकेगा।