Nashik Maharashtra Exam System Reforms Task Force: नासिक. महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और अभ्यर्थी अनुकूल बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी है। टास्क फोर्स अभ्यर्थियों से मिले सुझावों और समस्याओं का अध्ययन कर तीन महीने में राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा।
वन प्लेटफॉर्म-वन रजिस्ट्रेशन और परीक्षा में धांधली के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
नाशिक, राज्य में भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, विश्वसनीय और अभ्यर्थी अनुकूल बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है। अभ्यर्थियों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं का गहन अध्ययन करने के बाद उच्चस्तरीय टास्क फोर्स तीन महीने के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। यह जानकारी टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राज्य की अपर मुख्य सचिव व्ही. राधा ने बुधवार को नाशिक में दी।
राज्य के सभी पांच राजस्व मंडलों में परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर संवाद प्रक्रिया आयोजित की गई। इसका अंतिम चरण नाशिक में हुआ, जहां टास्क फोर्स ने नाशिक संभाग के विद्यार्थियों, अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।
व्ही. राधा के अनुसार, करीब 30 हजार विद्यार्थियों ने ईमेल और ज्ञापनों के माध्यम से अपनी शंकाएं, प्रश्न और सुझाव भेजे हैं। टास्क फोर्स अब तक करीब 2 हजार विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद कर चुका है। समिति के सामने 300 से 400 विभिन्न मुद्दे सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि अलग-अलग संभागों के विद्यार्थियों ने कई नए और महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। सभी सुझावों का गहराई से अध्ययन कर अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षाएं स्थगित होने से अभ्यर्थियों पर मानसिक तनाव बढ़ता है। इसलिए परीक्षा कब आयोजित होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी उम्मीदवारों को पहले से मिलनी चाहिए। परीक्षा कार्यक्रम और पाठ्यक्रम को लेकर दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता भी उन्होंने बताई।
अभ्यर्थियों ने विभिन्न विभागों द्वारा भर्ती की मांग समय पर प्रस्तुत करने और विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने की मांग रखी है।
व्ही. राधा ने कहा कि वन प्लेटफॉर्म-वन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने से अभ्यर्थियों की कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली या अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के लिए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तैयार करने की आवश्यकता है। समिति पाठ्यक्रम, परीक्षा अवधि और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी अध्ययन करेगी।
महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दांते ने कहा कि विद्यार्थियों से प्राप्त सुझाव, शंकाएं और प्रश्न उपयोगी हैं। इनके आधार पर अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली तैयार करने में मदद मिलेगी।
संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) अजीत भोसले ने कहा कि अभ्यर्थियों को केंद्र में रखकर व्यापक, सर्वसमावेशी और समयबद्ध सिफारिशें तैयार की जाएंगी। डॉ. एन. रामस्वामी ने भी परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए राज्य सरकार और महाराष्ट्र में मौजूदा व्यवस्था का व्यापक अध्ययन किए जाने की जानकारी दी।