

WCL Bribe Case Umred: नागपुर जिले के सिविल कांट्रैक्टर के 25.35 लाख रुपये के बिल का भुगतान जारी करने के एवज में रिश्वत मांगना वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के सीनियर ओवरसियर को महंगा पड़ गया।
सीबीआई नागपुर शाखा ने उमरेड क्षेत्र के गोकुल मुरपार सब एरिया में पदस्थ सीनियर ओवरसियर पवन नखाते को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई बुधवार को उमरेड के गंगापुर चौक के पास की गई। इस कार्रवाई से डब्लूसीएल में हड़कंप मच गया।
सीबीआई के अनुसार, एक ठेकेदार ने 29 सितंबर को नखाते के खिलाफ शिकायत की थी। ठेकेदार को डब्लूसीएल द्वारा पीरवा गांव के पुनर्वास स्थल पर पेयजल व्यवस्था के लिए दो बोरवेल निर्माण, सबमर्सिबल पंप लगाने के साथ ही इंटरनल मेन लाइन और डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने का ठेका मिला था।
अधिकारियों की डिमांड पर उसने ठेका जारी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया। कुछ पर अधिकारियों द्वारा रोक भी लगाई गई थी। काम पूरा करने के बाद ठेकेदार ने तीसरे बिल का भुगतान जारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस बिल की कुल राशि 25.35 - लाख रुपये थी।
शिकायत के अनुसार, नखाते ने करीब 22 लाख रुपये के भुगतान के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत ठेकेदार ने सीबीआई से की।
29 सितंबर को स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में शिकायत का सत्यापन किया गया। इस दौरान नखाते ने कथित तौर पर करीच 22 लाख रुपये के भुगतान का लगभग 2 टका यानी 44,000 रुपये मांगे। इसके अलावा पूर्व में लंबित 10 हजार रुपये की मांग भी की। इस तरह कुल मांग 54 हजार रुपये तक पहुंच गई।
नागपुर जिले में सौदेबाजी के बाद नखाते ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम घटाकर 50 हजार रुपये कर दी। मांग की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया।
नखाते उमरेड के गंगापुर चौक के पास शिकायतकर्ता से मिलने पहुंचा। इसी दौरान वह 40,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए सीबीआई के जाल में फंस गया।
टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।