

Vidarbha Monsoon Update: विदर्भ और संपूर्ण महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों से मौसम का चक्र तेजी से बदल रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण अब अल्प समय में अत्यधिक और मूसलाधार बारिश की घटनाओं में भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आंकड़े बता रहे हैं कि विदर्भ के 11 जिलों में से केवल 3 जिलों में ही औसत बारिश हुई है, जबकि अन्य जिलों में बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है। अमरावती, अकोला, गड़चिरोली, वाशिम जैसे जिलों में आने वाले समय में पानी को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि नागपुर में भी 34 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई है।
चोपणे के अनुसार 2013 से 2018 के दौरान नागपुर जिले में सितंबर महीने की बारिश का पैटर्न काफी हद तक सामान्य था लेकिन 2019 के बाद से बारिश के आंकड़ों में अप्रत्याशित उछाल आया है।
बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और कंक्रीट के निर्माण के कारण जमीन की प्राकृतिक गर्मी सोखने की क्षमता खत्म हो चुकी है। घने निर्माण और औद्योगीकरण के कारण शहर का तापमान लगातार बढ़ रहा है जिससे स्थानीय स्तर पर हवा का दबाव प्रभावित होता है।
विदर्भ के 11 में से 8 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम रहा है। अमरावती (-43%) और अकोला (-41%) में बारिश की स्थिति सबसे खराब है।
खरीफ सीजन की मुख्य फसलों सोयाबीन, कपास और धान को इस समय पर्याप्त पानी की जरूरत है। बारिश की कमी और असमान वितरण के कारण फसलों की पैदावार प्रभावित होने की पूरी संभावना है जिससे किसानों पर आर्थिक संकट गहरा सकता है।