Central Railway RPF Action Dangerous Reels Mumbai: सोशल मीडिया पर प्रसिद्धी पाने के लिए जान जोखिम में डालकर रील बनाने वाले हुड़दंगियों पर मध्य रेलवे ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उल्हास नदी के खतरनाक रेलवे पुल पर रील बनाने और चलती लोकल के दरवाजे पर सेफ्टी बेल्ट बांधकर स्टंट करने के मामलों में आरपीएफ ने कार्रवाई की है।
मुंबई मंडल में रीलबाजी से जुड़े कुल 10 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 8 मामलों का निपटारा कर 10,600 रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है, जबकि 2 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जान जोखिम में डालकर रील बनाना कानूनन अपराध है और ऐसी हरकतों से रील बनाने वाले के साथ अन्य यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
कोपर-भिवंडी रोड के बीच उल्हास नदी पर बने रेलवे पुल पर रील बनाने वाली एक महिला और दो पुरुषों के खिलाफ आरपीएफ ने कार्रवाई की। वहीं, लोकल ट्रेन के दरवाजे पर सेफ्टी बेल्ट बांधकर स्टंट करने वाले एक युवक को पकड़कर जुर्माना लगाया गया। भिवंडी रोड पोस्ट के क्षेत्र में किलोमीटर 52/2 पर उल्हास नदी के ऊपर बने रेलवे पुल पर एक महिला और दो पुरुषों के रील बनाने की जानकारी मिली थी।
यह पुल बेहद खतरनाक है और वहां रुकना जानलेवा साबित हो सकता है। इस मामले में केस दर्ज कर रेलवे अधिनियम की धारा 145 (बी) और 147 (1) के तहत कार्रवाई की गई तथा 1,800 रुपए का जुर्माना वसूला गया। एक अन्य चौंकाने वाले मामले में वडाला रोड पर एक युवक ने लोकल ट्रेन के दरवाजे पर सेफ्टी बेल्ट बांधकर स्टंट करने का प्रयास किया।
उसके खिलाफ केस दर्ज कर 1,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। आरपीएफ के आंकड़ों के अनुसार सायन स्टेशन पर रील बनाते हुए चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
वहीं, माटुंगा वर्कशॉप पोस्ट ने 4 मामले दर्ज कर कुल 5,500 रुपए का जुर्माना वसूला। जीटीबी नगर स्टेशन पर ट्विटर पर वायरल हुए वीडियो के मामले में 1,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। भायखला में इंस्टाग्राम पर वायरल हुए दो स्टंट वीडियो के मामलों में केस दर्ज किए गए हैं, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं।
कल्याण प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर न्यूसेस वीडियो के मामले में 300 रुपए का जुर्माना लगाया गया, कुल 10 मामलों में से 8 मामलों का निपटारा किया जा चुका है और 10,600 रुपए का जुर्माना वसूला गया है, जबकि 2 मामले न्यायालय में विचाराधीन है। आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवे परिसर में जान जोखिम में डालकर रील बनाना कानूनन अपराध है। ऐसे कृत्यों से बड़ा हादसा हो सकता है।
मध्य रेलवे सीपीआरओ डॉ. स्वप्नील नीला चलती लोकल में जान जोखिम में डालकर रील बनाना कानूनन अपराध है। इससे अन्य यात्रियों की जान को भी खतरा होता है। इसलिए रेलवे में इस तरह की हरकत करने से बचना चाहिए।