त्योहारों से पहले बड़ा झटका, मुंबई में भैंस के दूध के थोक दाम में ₹9 की बढ़ोतरी, ₹102 प्रति लीटर पहुंचा भाव

Mumbai Milk Price Hike: मुंबई में भैंस के दूध का थोक भाव ₹9 बढ़कर ₹102 प्रति लीटर हुआ। MMPA के फैसले से त्योहारों से ठीक पहले खुदरा कीमतें ₹115 से ₹125 प्रति लीटर तक पहुंचने के आसार हैं।
Major blow ahead of the festive season: Wholesale price of buffalo milk in Mumbai hiked by ₹9
दूध मूल्य वृद्धि मुंबई, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Mumbai Buffalo Milk Price Hike: त्योहारों से पहले मुंबईकरों को महंगाई का एक और झटका लगा है। ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। मंगलवार से दूध की नई थोक कीमत 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

बढ़ी हुई कीमत का सीधा असर आने वाले दिनों में लोगों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है। मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ के मुताबिक, नई कीमत 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।

खुदरा कीमत 125 रुपये तक पहुंचने की संभावना

थोक कीमत में बढ़ोतरी के बाद मुंबई शहर और आसपास के इलाकों में ताजा भैंस के दूध की खुदरा कीमत भी बढ़ने की संभावना है।

संघ के चेयरमैन सी. के. सिंह के मुताबिक, 1 सितंबर से थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद खुदरा कीमतें स्थानीय मांग और इलाके के आधार पर 115 से 125 रुपये प्रति लीटर या इससे अधिक हो सकती हैं। इसका मतलब है कि दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है।

पशुओं और चारे की लागत बढ़ी

मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ ने कीमत बढ़ाने के पीछे पशुपालन से जुड़ी लागत में हुई वृद्धि को प्रमुख कारण बताया है। संघ के अनुसार, दुधारू पशुओं की खरीद लागत में करीब 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पशुओं के चारे की कीमत में भी लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

बढ़ती लागत के चलते दूध उत्पादकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए दूध की थोक कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया।

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संघ की आमसभा में लिया गया फैसला

दूध की कीमत बढ़ाने का निर्णय मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ की द्विवार्षिक आमसभा की बैठक में लिया गया। संघ के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी मूल्य वृद्धि बताई जा रही है।

करीब 70 वर्ष पुराने इस संघ के पास ताजा भैंस का दूध उपलब्ध कराने के लिए डेयरी, स्थानीय खुदरा विक्रेताओं और पशुशालाओं का नेटवर्क है।

त्योहारों से पहले बढ़ा घरेलू खर्च

दूध रोजमर्रा की जरूरत की प्रमुख वस्तु होने के कारण इसकी कीमत बढ़ने का असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। खासकर त्योहारों के दौरान दूध और उससे बनने वाले उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त खर्च का दबाव आने की संभावना है।

नई थोक कीमत लागू होने के बाद अब मुंबईकरों की नजर खुदरा बाजार में होने वाली वास्तविक बढ़ोतरी पर है। अलग-अलग क्षेत्रों में मांग और विक्रेताओं के आधार पर दूध के दाम अलग हो सकते हैं।

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