ट्रक से टक्कर में तेंदुए की मौत (सौजन्य-नवभारत) 
गोंदिया

NH-53 पर फिर 'लाल' हुई सड़क: चिंधादेवी के पास अज्ञात वाहन ने तेंदुए को कुचला, मौके पर ही थमी सांसें

Mumbai Kolkata Highway Accident: NH-53 पर चिंधादेवी के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुए की मौत। फ्लाईओवर के अधूरे काम और तेज रफ्तार ने ली जान। वन्यजीव प्रेमियों में भारी आक्रोश।

प्रिया जैस

Leopard Accident NH 53: मुंबई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 53 पर चिंधादेवी के पास नए बने फ्लाईओवर के पास एक तेंदुए को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिसमें उसकी मौत हो गई। यह घटना 22 फरवरी की रात करीब 1.30 बजे घटित हुई। जानकारी के अनुसार, अग्रवाल ग्लोबल कंपनी के बनाए गए नए फ्लाईओवर के पास सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन ने तेंदुए को टक्कर मार दी।

टक्कर में डेढ़ से दो साल के नर तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर वनपरिक्षेत्र अधिकारी मिथुन तरोने और डुग्गीपार थाने के पुलिस निरीक्षक गणेश वनारे तुरंत मौके पर पहुंचे। मृत तेंदुए के मुंह और नाक से खून निकल रहा था।

साथ ही, उसके सभी अंग सही-सलामत थे। इसलिए, वन विभाग ने इसे दुर्घटना बताकर रिपोर्ट तैयार की। वन विभाग और पुलिस विभाग की टीम ने पंचनामा करके मृत तेंदुए को कब्जे में ले लिया। महामार्ग पर जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर लोगों ने पहले भी चिंता जताई थी।

वन्यजीव प्रेमियों में प्रशासन के खिलाफ रोष

कहा जा रहा है कि वाहनों की बढ़ती गति से जंगली जानवरों की जान को गंभीर खतरा हो रहा है। मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। तेंदुए के अंगों के सैंपल पोस्टमार्टम के लिए सील कर दिए गए। उसके बाद, सभी वन अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में डोंगरगांव डिपो परिसर में मृत तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने एक बार फिर महामार्ग पर वन्यजीव सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है। इस घटना के कारण वन्यजीव प्रेमी राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन, वन्यजीव व वन विभाग की अनदेखी नीतियों पर रोष जाहिर कर रहे हैं।

वन डिपो में पोस्टमार्टम

22 फरवरी को डोंगरगांव डिपो के वन डिपो में मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। इस अवसर पर उपवनसंरक्षक पवनकुमार जोंग, सहायक वनसंरक्षक सचिन डोंगरवार, वनपरिक्षेत्राधिकारी मिथून तरोणे, पशु चिकित्सा अधिकारी डा. मेघराज तुलावी, पशुधन विकास अधिकारी गुणवंत भडके, पंकज वाघाये, नायब तहसीलदार जे.आर. जांभुलकर, मानद वन्यजीव रक्षक सावन बहेकार आदि उपस्थित थे।

वन्यजीव मुद्दा फिर से आया सामने

कोहमारा-गोंदिया रोड और कोहमारा-देवरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी ट्रैफिक के कारण हमेशा वन्यजीव मारे जाते हैं। कोहमारा और देवरी के बीच राजमार्ग पर वन्यजीवों के दुर्घटनाओं से बचाने के लिए फ्लाईओवर बनाए गए हैं। लेकिन, फ्लाईओवर बनाने वाला ठेकेदार बहुत धीमी और घटिया गुणवत्ता का काम कर रहा है।

इस वजह से काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस वजह से वन्यजीव दुर्घटना की घटनाएं अभी तक नहीं रुकी हैं। इसलिए, चर्चा है कि जिस उद्देश्य से फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। वह उद्देश्य अब कोई काम का नहीं दिख रहा है।

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