

राहुल गांधी ने PM मोदी को फिर दी खुली बहस की चुनौती, बोले- किसी भी मंच पर जगह चुनिए, डरिए मत
अमेरिकी डील, अडानी और एपस्टीन मामले पर आमने-सामने चर्चा की मांग, मोहन भागवत को जज बनाने का भी दिया प्रस्ताव
राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह और योगी आदित्यनाथ से PM मोदी को बहस के लिए मनाने की अपील
Rahul Has Challenged PM Modi To An Open Debate: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी मंच और स्थान का चयन कर सकते हैं। दोनों नेताओं के बीच मीडिया और देश के युवाओं की मौजूदगी में आमने-सामने बहस होनी चाहिए। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी प्रधानमंत्री को इस बहस के लिए मनाने की अपील की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष को देशद्रोही बताते हैं और उस पर विदेशी ताकतों से संबंध रखने के आरोप लगाते हैं। ऐसे में इन आरोपों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पर आप जगह चुनिए और डिबेट कीजिए मेरे साथ।"
मोहन भागवत को जज बनाने का भी दिया प्रस्ताव
राहुल गांधी ने बहस के प्रारूप का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेता एक टेबल पर आमने-सामने बैठेंगे। वहां मीडिया और देश के युवा मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिसे चाहें, उसे बहस का जज बना सकते हैं। यहां तक कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी जज के तौर पर बैठाया जा सकता है। राहुल ने कहा कि बहस के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
अमेरिकी डील से लेकर अडानी और एपस्टीन तक पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने बहस के संभावित मुद्दों को गिनाते हुए देश के वित्तीय सिस्टम, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर, अमेरिका के साथ हुई डील, अडानी मामले और एपस्टीन प्रकरण का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिकी डील इतनी जल्दी क्यों हुई, इसके बारे में कैबिनेट को जानकारी क्यों नहीं दी गई और अडानी का केस बंद क्यों हुआ? उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
45 मानहानि के मामलों का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके खिलाफ करीब 45 मानहानि के मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दूसरे मुद्दों पर मानहानि के मुकदमे करते हैं, लेकिन विदेशी कनेक्शन से जुड़े आरोपों पर ऐसा नहीं किया गया। राहुल ने प्रधानमंत्री से इन सवालों पर भी खुली बहस करने को कहा।
इससे पहले राहुल गांधी ने देश के युवाओं से सवाल किया था कि क्या वे नरेंद्र मोदी और उनके बीच खुली बहस देखना चाहते हैं? उन्होंने राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए कहा था कि ये नेता हमेशा प्रधानमंत्री की भलाई के बारे में सोचते हैं, इसलिए उन्हें बहस के लिए मनाएं। राहुल गांधी ने अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।