Uddhav Thackeray on Eknath Shinde Award Criticism: पूर्व सीएम और यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर तंज कसते हुए कहा है कि अब महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसे दिन आ गए हैं कि सत्ताधारी नेताओं को विदेशों में जाकर पुरस्कार खरीदने पड़ रहे हैं।
हाल ही में एकनाथ शिंदे को लंदन में कई पुरस्कार से नवाजा गया था। ठाकरे की टिप्पणी इसी संदर्भ में की गई है। उद्धव ने चुटकी लेते हुए कहा कि मेरे बयान के बाद अब सत्ताधारी नेता कहेंगे कि उन्होंने विदेश में जाकर पुरस्कार खरीदने का जो कारनामा किया है, वह हम लोगों से नहीं हो पाएगा।
पूर्व सीएम ने यह बात गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर में कही है। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर मराठवाड़ा क्षेत्र के विकास कार्यों में हो रही कथित देरी को लेकर हमला बोला और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दलों में इस क्षेत्र की समस्याओं पर बात करने की हिम्मत नहीं है। ठाकरे ने कहा कि मराठवाड़ा में लगे सरकारी बैनर को देख कर लगता है कि यहां सब कुछ अच्छा है लेकिन जमीनी हकीकत सबको पता है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मराठवाड़ा के किसान फसल नुकसान और में सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे हैं। ठाकरे ने 'मराठवाड्याचा विकासः तुम से ना हो पायेगा' (मराठवाड़ा का विकासः तुमसे न हो पाएगा) शीर्षक वाले पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा नीत महायुति सरकार फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को पर्याप्त सहायता प्रदान करने में विफल रही है।
60,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य लंबित उद्धव ने दावा किया कि मराठवाड़ा के आठ जिलों में 60,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य लंबित हैं, जब लातूर के एक किसान के बैल की मौत हुई तो सरकार ने दूसरा बैल देने की व्यवस्था की।
उद्धव ठाकरे के इन बयानों से महाराष्ट्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। एक तरफ ठाकरे ने मराठवाड़ा के विकास और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं एकनाथ शिंदे को हाल ही में लंदन में सार्वजनिक नेतृत्व और महाराष्ट्र राज्य से जुड़े विभिन्न सम्मानों से नवाजा गया है।
मराठवाड़ा के लंबित विकास कार्यों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया अब इस राजनीतिक बहस का अगला केंद्र बन सकती है।