

Manoj Jarange Hunger Strike Devendra Fadnavis Allegations: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जालना के अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल के आमरण अनशन का आज दहावां दिन है। पिछले दो दिनों से उन्होंने किसी भी प्रकार का मेडिकल ट्रीटमेंट और पानी लेने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके चलते उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा मांगों पर कोई ठोस निर्णय न लिए जाने से मराठा समाज में आक्रोश उबल रहा है और पूरा महाराष्ट्र इस संवेदनशील मुद्दे पर टकटकी लगाए बैठा है।
अनशन के दसवें दिन मीडिया से बात करते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री व पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने एक सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि मराठा आंदोलन को पूरी तरह से कुचलने और समाप्त करने के लिए एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के बीच आपसी मिलीभगत चल रही है।
जरांगे के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर में सत्ताधारी मंत्रियों की एक गुप्त बैठक बुलाई गई थी, जिसमें इस आंदोलन को तोड़ने की योजना पर सविस्तर चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि इस कथित साजिश में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के भी दो लोग सक्रिय रूप से शामिल हैं।
जरांगे पाटिल ने आरोप लगाया कि इस साजिश के हिस्से के रूप में, जब मराठा समुदाय मुंबई की तरफ शांतिपूर्वक मार्च करेगा, तब पुलिस के माध्यम से अचानक प्रदर्शनकारियों पर हमला करवाया जा सकता है। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि गृहमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस को सीधे तौर पर बदनाम किया जा सके।
उन्होंने अपने मराठा सहयोगियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि मुंबई जाते समय हमारे लोगों का रास्ता रोका गया या उनका खून बहाया गया, तो मात्र 10 मिनट के भीतर पूरे महाराष्ट्र को पूरी तरह से बंद कर दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील की।
पुलिस का सम्मान करें: पुलिस यदि परेशान भी करे या बैरिकेड्स लगाए, तो शांत रहते हुए बगल से आगे निकल जाएं।
वर्दी का आदर करें: यदि पुलिस हमला भी करती है, तो भागें नहीं। उन्हें बताएं कि हम केवल वर्दी का सम्मान करने के कारण शांत खड़े हैं।
आत्मरक्षा भी जरूरी है: स्थिति के अनुसार पीछे हटें या दबाव बनाएं, क्योंकि खुद की रक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है। खेल तो होना चाहिए, लेकिन वह दिखना भी नहीं चाहिए।
जरांगे ने देवेंद्र फडणवीस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि फडणवीस मुगलों से भी बदतर स्थिति ला रहे हैं और लोगों को तबाह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में पूर्ण रूप से हिटलरशाही चल रही है, जहां जो कोई भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसके पीछे ईडी लगा दी जाती है। उन्होंने वर्तमान स्थिति पर दुख जताते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री शिंदे और उनके मंत्रियों की हालत भी इस समय बेहद खराब बनी हुई है।
राजमाता जीजाऊ और छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास का हवाला देते हुए जरांगे ने कहा कि उस दौर में सीधे जान चली जाती थी, लेकिन जीजाऊ ने कभी कदम पीछे नहीं खींचे। उन्होंने साफ कहा कि जिन्हें केस का डर लगता है, वे मुंबई की इस लड़ाई में मेरे साथ न आएं; हमें इस सरकार का अहंकार तोड़ना ही होगा।
मनोज जरांगे पाटिल ने फडणवीस के साथ पूर्व में हुई बातचीत का एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद गजट से जुड़ा शासनादेश (जीआर) जारी होने के बाद खुद देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें फोन किया था। उस बातचीत के दौरान फडणवीस ने भरोसा दिया था कि इस जीआर के तहत एक भी मराठा पात्र व्यक्ति आरक्षण और न्याय से वंचित नहीं रहेगा।
इस फोन कॉल का जिक्र करते हुए जरांगे ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए कि यदि गृहमंत्री ने खुद ऐसा आश्वासन दिया था, तो मराठा समाज की मांगें अब तक प्रलंबित क्यों पड़ी हैं और उन पर ठोस क्रियान्वयन क्यों नहीं हो रहा है? उन्होंने MVA पर भी निशाना साधा और कहा कि शरद पवार, उद्धव ठाकरे या कांग्रेस ने हमें कुछ नहीं दिया, लेकिन इस वर्तमान सरकार ने तो पहले आरक्षण दिया और फिर उसे छीन लिया। अजित पवार के संबंध में उन्होंने रहस्यमयी टिप्पणी करते हुए कहा कि सोने जैसा आदमी चला गया, पर उस बारे में कोई जानकारी ही सामने नहीं आई।