DUSU Voting ABVP VS NSUI: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के लिए आज 18 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। इस बार 2.75 लाख से अधिक छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
चुनाव दो चरणों में होगा और कैंपस में 600 से अधिक पुलिसकर्मियों, ड्रोन, सीसीटीवी तथा बॉडी-वॉर्न कैमरों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मतगणना 19 सितंबर को होगी।
शुक्रवार को दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहली चरण में सुबह 8.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में दोपहर 3 बजे से शाम 7.30 बजे तक वोट डाले जाएंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कैंपस में 600 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती हैं। दिल्ली पुलिस ने वोटिंग के दौरान की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए अपने 150 से अधिक अधिकारियों को बॉडी वार्न कैमरे देने का फैसला किया है।
एक अधिकारी ने बताया कि वोटिंग के दिन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, ईवीएम के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से वोटिंग सुनिश्चित करने के लिए महिला कॉलेजों में महिला कॉन्स्टेबल तैनात की जाएंगी।
छात्र संगठन के इस अहम चुनाव में मुख्य मुकाबला आरएसएस और भाजपा समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बीच है।
इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और लेफ्ट के छात्र संगठन भी हिस्सा लेते हैं। नतीजे शनिवार को घोषित किए जाएंगे।
डूसू अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के यश डबास का मुकाबला एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा से है। कुल मिलाकर, अध्यक्ष पद के लिए 25 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए 20, सचिव के लिए 24 और संयुक्त सचिव के लिए 19 उम्मीदवार मैदान में हैं।
एबीवीपी से उपाध्यक्ष पद के लिए इशू मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव के लिए लक्ष्यराज सिंह उम्मीदवार हैं। वहीं, एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद के लिए वीर छत्रथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव के लिए गोपाल चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
डूसू 2026 चुनाव इसलिए भी खास हैं, क्योंकि ये जुलाई में जंतर-मंतर पर परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर 'जेन जी' के विरोध प्रदर्शन और दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद हो रहे हैं। इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल की भारी कमी को उजागर किया था।
इस साल दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों या विभागों में दाखिला लेने वाले नए छात्र भी मतदान के पात्र हैं।
कॉलेज आई़डी कार्ड जारी नहीं होने पर प्रथम वर्ष के छात्र वैध शुल्क रसीद और सरकार की ओर से जारी पहचान पत्र जैसे आधार, पैन, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाकर वोट डाल सकते हैं। सरे और तीसरे वर्ष के छात्रों को अपना वैध कॉलेज पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है।