RTO Office Fire Safety System Maharashtra: राज्य के 24 प्रादेशिक और उप प्रादेशिक परिवहन कार्यालय इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित फायर अलार्म तकनीक से लैस होंगे। परिवहन विभाग ने इसके लिए 14 करोड़ 91 लाख 9 हजार 510 रुपए की प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी दी है। व्यवस्था में 4,301 वायरलेस स्मोक डिटेक्टर, 15 हीट डिटेक्टर, 217 मैनुअल कॉल प्वाइंट, 229 हूटर पैनल, 24 सीएमएस पैनल, 24 मॉनिटरिंग पैनल और 24 ऑटो डायलर लगाए जाएंगे। चार दिन पहले जारी जीआर के अनुसार परिवहन आयुक्त के 29 जुलाई के प्रस्ताव पर यह मंजूरी दी गई।
इसमें कोल्हापुर, सांगली, इचलकरंजी, कराड, सातारा, फलटण, अकलूज, बारामती, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, ठाणे, सोलापुर, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, नाशिक, मालेगांव, वर्धा, पेण, पनवेल, बोरीवली, मुंबई सेंट्रल, वसई और अंधेरी आरटीओ शामिल हैं। अंधेरी में सबसे अधिक 713 स्मोक डिटेक्टर और 35 हूटर पैनल लगाए जाएंगे।
बताया गया है कि तकनीक भी हाईटेक होगी। स्मोक और हीट डिटेक्टर वायरलेस एड्रेसेबल प्रणाली पर आधारित होंगे। स्मोक डिटेक्टर में मेश टोपोलॉजी तकनीक और ऑप्टिकल सेंसर आधारित प्रणाली का इस्तेमाल होगा।
229 कंट्रोल पैनल में 12 घंटे का बैटरी बैकअप होगा और वे स्मोक डिटेक्टर, एमसीपी, एलपीजी आदि उपकरणों के संकेत नियंत्रित करेंगे। 24 क्लाउड आधारित मॉनिटरिंग पोर्टल से अलर्ट और अलार्म की निगरानी होगी, जबकि ऑटो डायलर संपर्क नंबरों पर एसएमएस और कॉल भेजेंगे।
परियोजना के कार्य की लागत 12 करोड़ 32 लाख 31 हजार रुपये है। 3 प्रतिशत आकस्मिक व्यय 26 लाख 95 हजार 930 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी 2 करोड़ 21 लाख 81 हजार 580 रुपये है।
कार्य के लिए विस्तृत अनुमान तैयार करना, पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन और स्थल का कब्जा प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा। ई-निविदा एकीकृत रूप से निकाली जाएगी और कार्य को टुकड़ों में नहीं बांटा जाएगा।