Highlights :
सीहोर के दोराहा में जमीन सीमांकन के दौरान जमकर हंगामा।
सीमांकन करने पहुंची तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम के सामने बिगड़े हालात।
घटनास्थल से दो खाली कारतूस,एक जिंदा कारतूस,फावड़े का दस्ता और दराती बरामद।
विवाद के बाद सीमांकन की कार्रवाई रोकी गई, पुलिस वीडियो और चश्मदीदों के आधार पर जांच में जुटी।
Sehore Land Demarcation Dispute : सीहोर जिले की दोराहा तहसील में जमीन के सीमांकन की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम जब पुलिस बल के साथ भूमि का सीमांकन करने पहुंची तो मौके पर मौजूद 50 से 60 लोगों की भीड़ ने कथित तौर पर विरोध शुरू कर दिया।
विवाद इतना बढ़ा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ झूमाझटकी हुई। इस दौरान पथराव और गोली चलने की घटना भी सामने आई है।
न्यायालय तहसीलदार दोराहा और दोराहा थाना पुलिस की संयुक्त टीम निर्धारित भूमि का सीमांकन करने पहुंची थी। मौके पर पहले से ही करीब 50 से 60 लोग मौजूद थे। आरोप है कि इनमें कुछ लोग लाठी, डंडे, फर्से और अन्य धारदार हथियार लेकर एकत्र हुए थे। प्रशासनिक और एमपी पुलिस अमले के पहुंचते ही विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मौके पर मौजूद भीड़ ने कथित तौर पर राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए झूमाझटकी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि अहमद खां, असद खां, मुजीम और अब्दुल खालिद उर्फ मोटा फकीर सहित अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि पूरे घटनाक्रम में संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इसी दौरान रईस खां,पिता शेरू दौलत के मौके पर पहुंचने पर विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि भीड़ ने उनके बेटे और भानजे पर पत्थरों तथा डंडों से हमला कर दिया। हालात बिगड़ने पर मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस बल ने बीच बचाव किया और दोनों को भीड़ से बाहर निकाला। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
संघर्ष के दौरान गोली चलने की भी जानकारी सामने आई है। घटनास्थल से दो खाली कारतूस एक जिंदा कारतूस, फावड़े का दस्ता और दराती बरामद किए जाने की बात कही गई है। जब्त सामग्री दोराहा थाना प्रभारी को सौंप दी गई है। पुलिस बरामद सामग्री और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
हिंसक घटना के बाद प्रशासन ने फिलहाल भूमि सीमांकन की कार्रवाई रोक दी है। पुलिस वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दिनदहाड़े प्रशासनिक और पुलिस अमले की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सरकारी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।