क्या कांग्रेस के दिग्गज दिग्विजय को रास आने लगा RSS (फोटो- सोशल मीडिया) 
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राहुल की आंख के कांटे को दिग्विजय ने बताया फूल! खुले मंच से शान में पढ़े कसीदे; बयान से सियासी भूचाल

पूरी Congress और Rahul Gandhi अक्सर जिस संस्था पर हमेशा हमलावर रहते, उस पर कांग्रसे के ही दिग्गज नेता ने तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए सबको चौंका दिया। उन्होंने RSS के हिंदू राष्ट्र पर भी टिप्पणी की।

सौरभ शर्मा

Digvijay Singh Statement on RSS: राजनीति में कब क्या हो जाए, कहा नहीं जा सकता। अक्सर राहुल गांधी समेत पूरी कांग्रेस जिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर हमलावर रहती है, आज उसी संगठन की तारीफ कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने कर दी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक सार्वजनिक मंच से आरएसएस की प्रशंसा करते हुए सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा कि संघ की एक बात ऐसी है जिसकी मैं तारीफ करना चाहूंगा। आखिर धुर विरोधी होने के बावजूद दिग्विजय को संघ की कौन सी बात भा गई, आइए जानते हैं।

यह पूरा वाकया एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान हुआ जब उनसे संघ को लेकर तीखे सवाल पूछे जा रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या RSS राष्ट्र विरोधी है, तो दिग्विजय सिंह ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें राष्ट्र विरोधी नहीं कहूंगा। इसके बाद उन्होंने जो कहा वह दिलचस्प था। सिंह ने कहा कि 1925 से लेकर आज तक RSS का एजेंडा सिर्फ 'हिंदू राष्ट्र' रहा है और वे अपने इस लक्ष्य से कभी इधर-उधर नहीं भटकते। उनकी इसी एकनिष्ठता की मैं तारीफ करता हूं।

तांगे के घोड़े जैसी है संघ की सोच

अपनी बात को और स्पष्ट करने के लिए दिग्विजय सिंह ने एक अनोखा उदाहरण भी पेश किया। उन्होंने कहा कि मैं अक्सर मजाक में कहता हूं कि संघ के प्रचारकों की स्थिति उस तांगे के घोड़े जैसी है जिसे सड़क पर चलते वक्त सिर्फ सामने का रास्ता दिखाई देता है। ठीक उसी तरह आरएसएस के प्रचारकों को सिर्फ और सिर्फ 'हिंदू राष्ट्र' दिखाई देता है। वे इधर-उधर कुछ और देख ही नहीं पाते और न ही अपने रास्ते से भटकते हैं।

बिना रजिस्ट्रेशन वाला सबसे बड़ा एनजीओ

तारीफ के साथ-साथ दिग्विजय सिंह ने संघ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस लोकतंत्र के पक्ष में नहीं है और उन्होंने कभी देश के संविधान को स्वीकार नहीं किया। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जिसे दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताते हैं, वह असल में एक अनरजिस्टर्ड संस्था है। उन्होंने सवाल दागा कि क्या देश में कोई एनजीओ बिना रजिस्ट्रेशन के चल सकता है? सिंह ने कहा कि चूंकि संघ की विचारधारा भारतीय संविधान के खिलाफ है, इसलिए शायद उन पर कोई नियम लागू नहीं होता।

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