अंतर्राष्ट्रीय प्रलय स्मरण दिवस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
International Holocaust Remembrance Day News In Hindi: मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय प्रलय स्मरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जर्मनी की राजधानी बर्लिन से लेकर पोलैंड के वारसॉ तक और अन्य कई देशों में लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर नाजी जर्मनी द्वारा किए गए अत्याचारों में मारे गए लाखों निर्दोष लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों, सभाओं और स्मृति समारोहों का आयोजन किया गया जहां लोगों ने पीड़ितों को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। साथ ही, सभी ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि इतिहास के उस काले और अमानवीय दौर को कभी दोहराने नहीं दिया जाएगा और मानवता, शांति व भाईचारे की रक्षा के लिए हमेशा प्रयास किया जाएगा।
यह दिन 27 जनवरी 1945 को सोवियत सेना द्वारा ऑशविट्ज-बिरकेनौ डेथ कैंप की मुक्ति की वर्षगांठ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2005 में इस दिन को आधिकारिक तौर पर स्मारक दिवस के रूप में घोषित किया था। ऑशविट्ज में नाजियों ने लगभग 11 लाख लोगों की हत्या की थी, जिनमें अधिकांश यहूदी थे लेकिन इनमें पोलैंड के नागरिक और रोमा समुदाय के लोग भी शामिल थे।
‘कॉन्फ्रेंस ऑन Jewish मैटेरियल क्लेम्स अगेंस्ट जर्मनी’ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में अब केवल 1,96,600 यहूदी होलोकॉस्ट उत्तरजीवी ही जीवित बचे हैं। पिछले साल की तुलना में यह संख्या काफी कम हुई है। इनमें से 97 प्रतिशत वे लोग हैं जो उस समय बच्चे थे (1928 या उसके बाद जन्मे)। अब ये जीवित गवाह अपनी कहानियों को दुनिया के सामने रख रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियां इस नरसंहार के सबक को याद रखें।
पोलैंड: राष्ट्रपति करोल नवरोकी ने बिरकेनौ में जीवित बचे लोगों के साथ स्मरण समारोह में भाग लिया। पूर्व कैदियों ने उस ‘एक्ज़ीक्यूशन वॉल’ पर फूल चढ़ाए जहां हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या की गई थी।
जर्मनी: बर्लिन के हृदय में स्थित ‘मेमोरियल टू द मर्डर्ड जूज ऑफ यूरोप’ में 2,700 कंक्रीट स्लैब के बीच सफेद गुलाब रखे गए और मोमबत्तियां जलाई गईं। जर्मन संसद भी बुधवार को एक विशेष स्मृति समारोह आयोजित करेगी।
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नीदरलैंड: एम्स्टर्डम के ऐतिहासिक यहूदी क्वार्टर में एक मौन मार्च निकाला गया। मेयर फेमके हल्समा ने नफरत और नस्लवाद के खतरों के प्रति आगाह किया।