पाकिस्तान में आर्थिक इमरजेंसी! सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 30% तक की कटौती, सड़कों से गायब होंगी गाड़ियां
Pakistan Salary Cut: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पाकिस्तान में ईंधन का भारी संकट पैदा हो गया है। पीएम शहबाज शरीफ ने खर्च कम करने के लिए वेतन कटौती और सरकारी वाहनों पर कड़े प्रतिबंधों को मंजूरी दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान युद्ध की आग में झुलसा पाकिस्तान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran War Impact On Pakistan Economy: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गहराई से दिखने लगा है। युद्ध के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही पाकिस्तान में ईंधन की भारी किल्लत हो गई है। इस संकट से निपटने और सरकारी खर्चों में कमी लाने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक व्यापक बचत योजना को मंजूरी दी है।
वेतन में 5 से 30 प्रतिशत तक की कटौती
प्रधानमंत्री शहबाज के कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सरकारी कंपनियों और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के वेतन में 5 से 30 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी। यह फैसला उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ को कम करना है। सरकार का दावा है कि इस कटौती से होने वाली बचत का उपयोग केवल जनता को राहत देने के लिए किया जाएगा।
सड़कों से हटेंगे 60% सरकारी वाहन
ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं:
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- सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में 50 प्रतिशत की कटौती की गई है और इसकी निगरानी थर्ड पार्टी ऑडिट के जरिए होगी।
- अगले दो महीनों के लिए 60 प्रतिशत सरकारी वाहनों को सड़कों से हटाने का फैसला लिया गया है।
- ईंधन बचाने के लिए देश में चार दिन का कार्य सप्ताह लागू कर दिया गया है।
- नए वाहनों की खरीद और अन्य सरकारी खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
मंत्रियों और अधिकारियों पर भी गिरी गाज
बचत की इस मुहिम में मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल के सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों के अगले दो महीनों के वेतन को बचत के रूप में सार्वजनिक कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, सरकारी प्रतिनिधियों को बोर्ड बैठकों में शामिल होने की फीस नहीं मिलेगी और अधिकारियों की विदेशी यात्राओं पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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ईंधन की कीमतों में भारी उछाल
पाकिस्तान में यह आर्थिक संकट इसलिए गहराया है क्योंकि पिछले शुक्रवार को ही पेट्रोलियम की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई थी। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई चैन प्रभावित होने से पाकिस्तान में ईंधन की उपलब्धता कम हो गई है और कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
