ईरान युद्ध की आग में झुलसा पाकिस्तान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran War Impact On Pakistan Economy: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गहराई से दिखने लगा है। युद्ध के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही पाकिस्तान में ईंधन की भारी किल्लत हो गई है। इस संकट से निपटने और सरकारी खर्चों में कमी लाने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक व्यापक बचत योजना को मंजूरी दी है।
प्रधानमंत्री शहबाज के कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सरकारी कंपनियों और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के वेतन में 5 से 30 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी। यह फैसला उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ को कम करना है। सरकार का दावा है कि इस कटौती से होने वाली बचत का उपयोग केवल जनता को राहत देने के लिए किया जाएगा।
ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं:
बचत की इस मुहिम में मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल के सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों के अगले दो महीनों के वेतन को बचत के रूप में सार्वजनिक कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, सरकारी प्रतिनिधियों को बोर्ड बैठकों में शामिल होने की फीस नहीं मिलेगी और अधिकारियों की विदेशी यात्राओं पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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पाकिस्तान में यह आर्थिक संकट इसलिए गहराया है क्योंकि पिछले शुक्रवार को ही पेट्रोलियम की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई थी। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई चैन प्रभावित होने से पाकिस्तान में ईंधन की उपलब्धता कम हो गई है और कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।