- Hindi News »
- World »
- Why Us Cannot Destroy Iran Kharg Island Oil Facilities China Factor Global Market
ईरान के ‘खर्ग आइलैंड’ को क्यों नहीं तबाह कर पाया US? ट्रंप की भीषण बमबारी के बाद भी सुरक्षित है तेल का खजाना
Kharg Island: ईरान के खर्ग आइलैंड पर US ने अब तक की सबसे शक्तिशाली बमबारी की है लेकिन तेल ठिकानों को छुआ तक नहीं। जानिए आखिर क्यों ट्रंप के लिए इस आइलैंड के तेल ठिकानों को निशाना बनाना आसान नहीं है।
- Written By: अमन उपाध्याय

खर्ग आइलैंड, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Why US Cannot Destroy Kharg Island Oil Terminal: मध्य-पूर्व के युद्ध में एक नाटकीय मोड़ तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खर्ग आइलैंड पर इतिहास की सबसे शक्तिशाली बमबारी की घोषणा की। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने द्वीप पर मौजूद हर मिलिट्री टारगेट को पूरी तरह तबाह कर दिया है लेकिन एक हैरान करने वाला फैसला लेते हुए वहां के विशाल ऑयल नेटवर्क और इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि खर्ग आइलैंड के तेल ठिकानों को नष्ट करना अमेरिका के लिए लगभग असंभव है जिसके पीछे गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक कारण हैं।
ईरान की रगों में दौड़ता ‘खर्ग’ का तेल
खर्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में ईरान के तट से 25 किमी दूर स्थित एक छोटा सा द्वीप है, जो महज 8 किमी लंबा है। छोटा होने के बावजूद, यह ईरान की सबसे बड़ी ताकत है क्योंकि देश के कच्चे तेल के निर्यात का 90% हिस्सा यहीं से होकर गुजरता है। इसे नष्ट करने का मतलब है ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ देना, लेकिन अमेरिका ऐसा चाहकर भी नहीं कर पा रहा है।
चीन के साथ सीधे युद्ध का खतरा
अमेरिका के पीछे हटने का सबसे बड़ा कारण चीन है। चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है और वर्तमान युद्ध के बावजूद वह ईरान से रोजाना 1.1 से 1.5 मिलियन बैरल तेल ले रहा है। यदि अमेरिका खर्ग के तेल ढांचे को नष्ट करता है तो यह सीधे तौर पर चीन की ऊर्जा सुरक्षा पर हमला माना जाएगा। इससे अमेरिका और चीन के बीच सीधा सैन्य टकराव शुरू होने का खतरा है, जिसे ट्रंप मोल नहीं लेना चाहते।
सम्बंधित ख़बरें
Donald Trump की अमेरिकी नाकेबंदी टूटी, धमकियों के बावजूद चीनी जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट को किया पार
Strait of Hormuz में ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने तैनात किए 15 युद्धपोत, नाकेबंदी शुरू
Middle East संकट: IEA, IMF और वर्ल्ड बैंक ने युद्ध के आर्थिक और ऊर्जा प्रभावों पर अहम चर्चा की
Oval Office में ट्रंप ने लंच डिलीवरी से किया ‘No Tax on Tips’ का ऐतिहासिक प्रमोशन
ट्रंप-शी जिनपिंग की ‘डील’ और कूटनीति
दूसरा बड़ा कारण ट्रंप की आगामी चीन यात्रा है। 28 फरवरी को ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच सकारात्मक बातचीत हुई थी, जिसके बाद ट्रंप ने उनके साथ अपने ‘बेहतरीन रिश्तों’ का जिक्र किया था। ट्रंप चीन के साथ एक बड़ी डील करना चाहते हैं और खर्ग को तबाह करने से इस कूटनीतिक बातचीत की संभावना हमेशा के लिए खत्म हो सकती है।
यह भी पढ़ें:- मुज्तबा खामेनेई का चेहरा हुआ खराब! अमेरिकी दावे से मचा हड़कंप, आखिर कहां छिपे हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर
वैश्विक तेल बाजार में कोहराम का डर
खर्ग आइलैंड को नष्ट करने का मतलब होगा वैश्विक बाजार से रातों-रात 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन की सप्लाई का गायब हो जाना। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 120 से 150 प्रति बैरल डॉलर तक पहुंच सकती हैं जिससे ग्लोबल ऑयल मार्केट क्रैश हो सकता है। पहले से ही ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने से दुनिया भर में शिपिंग संकट गहराया हुआ है। साथ ही, अमेरिका यह भी मानता है कि भविष्य की किसी भी ईरानी सरकार को देश चलाने के लिए इस बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी।
Frequently Asked Questions
-
Que: खर्ग आइलैंड ईरान के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
Ans: ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90% हिस्सा इसी द्वीप से होता है, जो इसे ईरान की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन बनाता है।
-
Que: क्या अमेरिका ने खर्ग आइलैंड पर हमला किया है?
Ans: हां, राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार अमेरिका ने वहां के सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है, लेकिन तेल ठिकानों को जानबूझकर छोड़ दिया गया है।
-
Que: चीन खर्ग आइलैंड को बचाने में क्या भूमिका निभा रहा है?
Ans: चीन ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है। खर्ग के तेल ठिकानों को नष्ट करने से चीन की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी, जिससे अमेरिका-चीन के बीच सीधा युद्ध छिड़ सकता है।
Why us cannot destroy iran kharg island oil facilities china factor global market
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Praful Hinge ने डेब्यू में मचाया तहलका, क्रिकेट के लिए बहन की शादी का रिसेप्शन छोड़ा; ऐसी है प्रफुल्ल की कहानी
Apr 14, 2026 | 02:57 PMअब सुबह निकलो और शाम को वापस…दिल्ली वालों के लिए देहरादून का सफर हुआ जादुई; ये जगहें जाना ना भूलें
Apr 14, 2026 | 02:51 PMमुंबई एयरपोर्ट पर 10 घंटे का लेओवर: पाकिस्तानी महिला का अनुभव वायरल, लोगों ने कहा- ‘पॉजिटिविटी की मिसाल’
Apr 14, 2026 | 02:49 PMPune में इलेक्ट्रिक शवदाह को बढ़ावा, प्रदूषण कम करने के लिए पुणे मनपा की पहल
Apr 14, 2026 | 02:48 PMबंगाल चुनाव: सिलीगुड़ी में गर्माया चुनावी माहौल, क्या भाजपा बचा पाएगी अपना गढ़ या दीदी का दांव पड़ेगा भारी
Apr 14, 2026 | 02:43 PMMumbai Crime News: 3 जगह 3 वारदातें और नतीजा मौत, एक के बाद एक तीन हत्याओं से दहल उठी मुंबई
Apr 14, 2026 | 02:38 PMPune ZP की विशेष आमसभा 16 अप्रैल को, समितियों के बंटवारे पर होगा फैसला
Apr 14, 2026 | 02:37 PMवीडियो गैलरी

स्विट्जरलैंड से लौटते ही यूपी में 200 रैलियां…रोहिणी घावरी ने अखिलेश यादव से मिलाया हाथ?
Apr 13, 2026 | 10:33 PM
केवल महिला वोटर्स को लुभाना है…महिला आरक्षण बिल पर प्रशांत किशोर ने भाजपा और पीएम मोदी को घेरा
Apr 13, 2026 | 10:26 PM
न छत, न कुर्सी… फिर भी नहीं डिगा हौसला! सिवान के इन बच्चों का जज्बा देख दंग रह गए लोग
Apr 13, 2026 | 10:15 PM
ईरान-अमेरिका तनाव से तेल की सप्लाई ठप, खाली टैंकर नहीं लौटे तो और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल- VIDEO
Apr 13, 2026 | 10:12 PM
ABVP के ‘संस्कार संगम’ में ‘धक-धक’ डांस पर मचा बवाल, वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस ने घेरा- VIDEO
Apr 13, 2026 | 09:45 PM
नागपुर में धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती देने वाली समिति का बड़ा खुलासा, बताया कैसे होता है ‘चमत्कार’ का खेल
Apr 13, 2026 | 09:31 PM














