Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

‘अगर नोबेल लेने विदेश गईं तो…’, वेनेजुएला ने मारिया मचाडो दी चेतावनी, ट्रंप का रास्ता क्लियर!

Nobel Peace Prize 2025: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो पर आपराधिक आरोप हैं और ओस्लो समारोह में जाने पर उन्हें देश से फरार घोषित किया जा सकता है।

  • By अक्षय साहू
Updated On: Nov 21, 2025 | 04:29 PM

मारिया कोरिना मचाडो (सोर्स- सोसल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Nobel Peace Prize Controversy: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला है। वे इस पुरस्कार को प्राप्त करने के लिए नॉर्वे जाना चाहती हैं, लेकिन वेनेजुएला की सरकार ने उन्हें चेतावनी दी है कि यदि वे देश से बाहर गईं तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद उनके नॉर्वे जाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

यह पुरस्कार हर साल की तरह 10 दिसंबर को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में दिया जाएगा। लेकिन वेनेजुएला की सरकार ने उनके विदेश जाने पर एतराज जताया है। देश के अटॉर्नी जनरल तारेक विलियम साब ने कहा है कि अगर मचाडो देश छोड़ती हैं, तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा।

मचाडो पर कई आपराधिक मामले

उन्होंने बताया कि मचाडो पर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें साजिश, नफरत फैलाने और आतंकवाद जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। 58 वर्षीया मचाडो लंबे समय से वेनेजुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष कर रही हैं। उनका कहना है कि सरकार ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं ताकि उन्हें राजनीति से दूर किया जा सके।

उन्होंने बताया कि वे फिलहाल देश में छिपकर रह रही हैं क्योंकि उन्हें गिरफ्तारी का डर है। इसके बावजूद उन्होंने हाल ही में घोषणा की थी कि वे नोबेल पुरस्कार लेने नॉर्वे जरूर जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मचाडो पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे अमेरिका की नीतियों का समर्थन करती हैं। उन्होंने कैरेबियाई सागर में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का समर्थन किया था।

अमेरिका-वेनेजुएला के बीच तनाव

इस इलाके में अमेरिका ने अपने युद्धपोत, लड़ाकू विमान और बड़े विमान वाहक जहाज तैनात किए हैं। अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह एंटी-ड्रग मिशन है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी रोकना है।

यह भी पढ़ें: भूकंप से बांग्लादेश में मची तबाही, कई लोगों की मौत; अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल

हालांकि, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का कहना है कि अमेरिका इस मिशन के ज़रिए उनकी वामपंथी सरकार को गिराने की कोशिश कर रहा है। मादुरो की सरकार कई सालों से अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना कर रही है। 2015 में शुरू हुए इन प्रतिबंधों को ट्रंप प्रशासन ने और सख्त कर दिया था। उस समय अमेरिका ने मादुरो सरकार पर ड्रग तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया था।

Venezuela opposition leader machado nobel peace prize nicolas maduro

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Nov 21, 2025 | 03:54 PM

Topics:  

  • Donald Trump
  • Nobel Prize
  • World News

सम्बंधित ख़बरें

1

सालों से बुनी जा रही थी मादुरो की गिरफ्तारी की कहानी, अब जाकर हुआ सबसे बड़ा एक्शन

2

‘बख्शा नहीं जाएगा…’, मादुरो पर आतंकवाद का अभियोग दायर, अटॉर्नी जनरल की चेतावनी से मची खलबली

3

ईरान में जेन-जी का उबाल, खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर गुस्सा; पोम्पिओ बोले- प्रदर्शनकारी ‘मोसाद एजेंट’

4

‘मेरे दोस्त मादुरो को छोड़ो वरना…’, अमेरिका-वेनेजुएला जंग में कूदे किम जोंग, दुनिया में बढ़ी टेंशन

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.