अटॉर्नी जनरल मादुरो पर दिया बयान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump Venezuela Operation: अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को लेकर बड़ा दावा किया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने घोषणा की कि मादुरो और फ्लोरेस के खिलाफ न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद से जुड़े गंभीर संघीय अपराधों में अभियोग दायर किया गया है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया है और उन्हें कराकस से बाहर ले जाया गया है। ट्रंप ने लिखा कि यह कार्रवाई अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से एक बड़े और सफल अभियान के तहत की गई है।
अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी के अनुसार, निकोलस मादुरो पर नार्को-आतंकवाद की साजिश, अमेरिका में कोकीन आयात की साजिश, मशीनगनों और विध्वंसक हथियारों के अवैध कब्जे और इन्हें अमेरिका के खिलाफ इस्तेमाल करने की योजना जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बॉन्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी अदालतों में न्याय का सामना करना पड़ेगा।
बॉन्डी ने राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सैन्य बलों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान अंतरराष्ट्रीय नार्को तस्करी के खिलाफ एक कड़ा संदेश है। उन्होंने इसे अमेरिकी जनता के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
दूसरी ओर, वेनेजुएला में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज ने दावा किया कि कराकस, मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा में तड़के हुए अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी का कोई पता नहीं है। उन्होंने अमेरिकी सरकार से मादुरो और फ्लोरेस के ‘जीवित होने का प्रमाण’ देने की मांग की है।
वेनेजुएला के प्रमुख अखबार एल नासियोनाल के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य अभियान में चिनूक हेलीकॉप्टरों और विशेष बलों की बड़ी तैनाती की गई। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मादुरो को अमेरिकी सेना की एलिट यूनिट डेल्टा फोर्स ने गिरफ्तार किया।
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शनिवार तड़के कराकस में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे आम लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, व्हाइट हाउस ने मादुरो से सत्ता छोड़ने की अपील और वेनेजुएला तट के पास बढ़ती अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के बाद इस सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दी थी।