जमीन के नीचे से वार करेगा अमेरिका? ड्रैगन की सुरक्षा को इन हथियारों से बड़ा खतरा, चीनी एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी
US China Under Ground War: अमेरिकी सेना की युद्ध रणनीति ने चीन की चिंता बढ़ा दी है। चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुरंगों के जरिए होने वाले ये हमले उनकी सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर सकते हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
US चीन सबटेरियन वॉरफेयर, AI Photo
US China Subterranean Warfare: भविष्य के युद्ध अब केवल जमीन, आसमान या समंदर तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अब लड़ाई पाताल यानी जमीन के नीचे भी लड़ी जाएगी। अमेरिकी सेना की बढ़ती भूमिगत युद्ध क्षमताओं ने चीन के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है।
‘चाइनीज इंस्टीट्यूट ऑफ कमांड एंड कंट्रोल’ ने आगाह किया है कि अमेरिका ने जमीन के नीचे अपनी रणनीतिक और सामरिक पहुंच का विस्तार कर लिया है, जो भविष्य के युद्धों की एक डरावनी तस्वीर पेश करता है।
जमीन के नीचे चलने वाली पनडुब्बी
चीनी रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी एंडुरिल के संस्थापक पामर लकी ने सबटेरीन के कॉन्सेप्ट को तेजी से बढ़ावा दिया है। यह एक ऐसा विशेष वाहन है जो पृथ्वी की ऊपरी परत के भीतर ठीक उसी तरह आवाजाही कर सकता है जैसे समुद्र में पनडुब्बियां चलती हैं।
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गुओडोंग थिंक टैंक की एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि यह तकनीक हकीकत बनती है, तो यह चीन की दशकों पुरानी रक्षा रणनीति के लिए एक अभूतपूर्व चुनौती होगी, जो अब तक ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों पर टिकी थी।
फेल हो सकते हैं रडार और सैटेलाइट
चीन के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि उसके वर्तमान सुरक्षा तंत्र जिसमें सैटेलाइट, रडार और सिग्नल सेंसर शामिल हैं जमीन के बहुत नीचे होने वाली हलचल का पता लगाने में सक्षम नहीं हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन के भीतर सुरंग बनाने वाली गतिविधियों या वहां चलने वाले वाहनों की पहचान करना मौजूदा सिस्टम के लिए नामुमकिन जैसा है। ऐसी स्थिति में, अगर दुश्मन देश भीतरी इलाकों तक सुरंगों के जरिए पहुंच जाता है, तो बचाव की तैयारी के लिए मिलने वाला समय शून्य के बराबर रह जाएगा।
परमाणु और रासायनिक हमले का भी डर
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीन में मौजूद नागरिक सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और भूमिगत सुविधाएं इन उन्नत तकनीकों के सामने बेहद कमजोर साबित हो सकती हैं। घुसपैठ के अलावा, परमाणु ऊर्जा से चलने वाले ‘सबटेरीन’ वाहन रेडियोलॉजिकल खतरा पैदा कर सकते हैं। साथ ही, जमीन के नीचे का माहौल रासायनिक या जैविक एजेंट फैलाने के लिए दुश्मन के लिए सबसे मुफीद साबित हो सकता है।
अमेरिका की तैयारी
अमेरिकी सेना इस दिशा में काफी पहले कदम बढ़ा चुकी है। साल 2019 में ही अमेरिका ने भूमिगत युद्ध के लिए अपनी ‘ऑपरेशनल डॉकट्रिन’ जारी की थी। वेस्ट पॉइंट के विशेषज्ञ जॉन स्पेंसर का तर्क है कि जमीन के नीचे के हिस्से को युद्ध के एक स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए क्योंकि यह सैटेलाइट निगरानी और सटीक हमलों से बचने का अचूक रास्ता है।
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जवाब में, चीनी थिंक टैंक ने एक व्यापक ‘राष्ट्रीय भूमिगत सुरक्षा रणनीति’ बनाने की वकालत की है। इसमें देशव्यापी सैन्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, एडवांस्ड डिटेक्शन टेक्नोलॉजी में निवेश और नागरिक सुरक्षा सुविधाओं को अपग्रेड करना शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य के युद्धों में अस्तित्व बचाए रखने के लिए भूमिगत युद्ध क्षेत्र की तैयारी अब कोई विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्य आवश्यकता बन गई है।
