ट्रंप ने ईरान से पंगा लेने की ठान ली, दे डाली अंतिम चेतावनी; सीरिया से दोस्ती के लिए हाथ बढ़ाया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह सीरिया की नई सरकार के साथ संबंधों को सामान्य बनाएंगे और देश को शांति स्थापित करने का मौका देकर प्रतिबंधों को हटाएंगे। ट्रंप बुधवार को सीरिया के राष्ट्रपति अल-शरा से मुलाकात करेंगे।
ट्रंप ने ईरान ने पंका लेने की ठान ली, दे डाली अंतिम चेतावनी; सीरिया से दोस्ती के लिए बढ़ाया हाथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को सऊदी अरब में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से मिलेंगे (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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वाशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को सीरिया पर लगे प्रतिबंध हटाने की घोषणा कर एक बड़ा राजनयिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सीरिया की नई सरकार के साथ संबंध बहाल करेगा, ताकि देश को शांति का अवसर मिल सके। ट्रंप की सऊदी अरब में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से मुलाकात तय है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बशर अल-असद का शासन हटाकर शारा को सत्ता में आए कुछ ही महीने हुए हैं। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान को संतुलित करने की रणनीति का हिस्सा है।

शारा को विद्रोहियों ने 2025 की शुरुआत में सत्ता दिलाई थी, जिसके बाद उन्होंने असद परिवार के लंबे शासन का अंत किया। खाड़ी देशों ने शारा का समर्थन करते हुए अमेरिका से भी यही अपेक्षा की थी। अमेरिका पिछले साल से इस दिशा में विचार कर रहा था और अब ट्रंप की घोषणा से यह संकेत मिल रहा है कि वाशिंगटन, दमिश्क की नई सरकार को ईरान के प्रभाव से अलग करना चाहता है। ट्रंप इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी मानते हैं।

सीरिया से दोस्ती का हाथ बढ़ाया

ट्रंप ने कहा कि वह सीरिया की नई सरकार के साथ सामान्य संबंध बहाल करेंगे। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन के आग्रह को इस फैसले की वजह बताया। ट्रंप ने शारा सरकार की सफलता को लेकर आशा जताई और कहा कि अमेरिका उसे एक नई शुरुआत का मौका देना चाहता है। अहमद अल-शारा को विद्रोहियों ने सत्ता में लाया और अब वह सीरिया को असद युग से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरान को दी अंतिम चेतावनी

वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मध्य पूर्व की सबसे विनाशकारी ताकत बताते हुए उसे चेतावनी दी कि अमेरिका उसे कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। रियाद में एक निवेश शिखर सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ईरान या तो अराजकता छोड़कर शांति की राह चुने या अलग-थलग हो जाए। ट्रंप ने यह भी कहा कि समझौते का प्रस्ताव हमेशा के लिए नहीं रहेगा और ईरान को जल्द निर्णय लेना होगा।

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