TRF को आतंकी घोषित कर पाक को क्लीन चिट, अमेरिका की दोहरी नीति पर मचा बवाल
US Pakistan relations: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से भेंट की। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने...
- Written By: अमन उपाध्याय
इशाक डार और मार्को रुबियो, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
वाशिंगटन: पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान न केवल आतंकियों को अपने यहां पनाह देता है, बल्कि उन्हें बढ़ावा भी देता है। समय-समय पर पाकिस्तान की यह काली करतूतें वैश्विक मंच पर उजागर होती रही हैं। लेकिन इसके बावजूद अमेरिका की पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर नीति हमेशा सवालों के घेरे में रही है।
अमेरिका एक ओर तो आतंकवादी संगठन TRF पर प्रतिबंध लगाता है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की आतंकवाद से लड़ने के नाम पर झूठी सराहना करता है। यह दोहरी नीति अब फिर से चर्चा में है। शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच मुलाकात हुई। इस बैठक में रुबियो ने पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कथित कोशिशों की तारीफ की और उसकी पीठ थपथपाई। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच कई अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
आतंकवाद को लेकर पाक की सराहना
अमेरिकी विदेश मंत्री का आतंकवाद और पाकिस्तान को लेकर बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने पाकिस्तान में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के संगठन TRF को आतंकी संगठन घोषित किया था। यह वही संगठन है जिसने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।
सम्बंधित ख़बरें
मैं मौत से नहीं डरती… शेख हसीना का बड़ा ऐलान, बोलीं- दिसंबर में लौट जाएंगी बांग्लादेश
पाकिस्तान में लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन पर यूरोप सख्त, मारिया शाहबाज केस ने बढ़ाई चिंता; जानें पूरा मामला
Powerful Small Countries: क्षेत्रफल में छोटे पर ताकत और पैसे में बड़े हैं ये देश, दुनिया पर है इनका राज
स्पेन में जंगलों ने ली 12 जिंदगियां! धधकती आग से मचा हाहाकार, कई लोग अब भी लापता
शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच मुलाकात हुई। इस दौरान रुबियो ने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की और उसे समर्थन दिया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सीजफायर का श्रेय लेने की कोशिश
अभी मई के महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के अड्डों को निशाना बनाया था। यह सैन्य अभियान करीब चार दिन तक चला। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने युद्धविराम की घोषणा की। अमेरिका ने इस सीजफायर का श्रेय खुद को देने की कई बार कोशिश की है, हालांकि भारत ने इन दावों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है।
यह भी पढे़ें:- TRF पर शिकंजा कसते ही पाक के बदले सुर, डार ने कहा- हमें कोई आपत्ति नहीं
अमेरिका एक ओर वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर उन देशों के साथ करीबी दिखाता है जो आतंक के संरक्षक माने जाते हैं। इससे उसकी नीति पर सवाल उठते हैं। इस बीच अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बयान दिया कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने और युद्धविराम में अमेरिका की भूमिका के लिए वो आभार व्यक्त करते हैं।
सीमा पार लगातार आतंकवाद को बढ़ावा
भारत लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान की सरकार और उसकी सेना सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देती हैं। पाकिस्तान न केवल आतंकी संगठनों को आर्थिक सहायता देता है, बल्कि उन्हें हथियार और अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराता है। भारत ने समय-समय पर पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों से जुड़े ठोस सबूत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पेश किए हैं। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यह कह चुके हैं कि भारत जहां पर्यटन को बढ़ावा देने में यकीन रखता है, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद को ही पर्यटन समझ बैठा है जो पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
