यूनुस ने खोला ISI का 'दरवाजा', बांग्लादेश में पाक की चाल से भारत की बढ़ी टेंशन

Visa free travel: बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच राजनयिकों को वीजा-मुक्त यात्रा की अनुमति देने वाला समझौता हुआ है। भारत ने इस पहल पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि इससे आईएसआई से जुड़े अधिकारियों की...
यूनुस ने खोला ISI का 'दरवाजा', बांग्लादेश में पाक की चाल से भारत की बढ़ी टेंशन
बांग्लादेश में पाक की चाल से भारत की बढ़ी टेंशन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Bangladesh Pakistan News: जिस पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हमेशा दुख पहुंचाया, आज उसी के साथ मोहम्मद यूनुस गले मिल रहे हैं। सच तो यह है कि बांग्लादेश अब पाकिस्तान का समर्थक बन गया है। अब दोनों देशों के बीच वीजा-मुक्त यात्रा पर समझौता हो चुका है, जिसके तहत अधिकारियों के लिए बिना वीजा के आवाजाही की अनुमति दी गई है।

ऊपरी तौर पर यह कहा जा रहा है कि अब दोनों देशों के राजनयिकों को आने-जाने में कोई रोक नहीं होगी, लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तान इसका फायदा उठाकर अपने आईएसआई एजेंटों को बांग्लादेश भेजेगा। वह अपने गंदे मंसूबों को अंजाम देने के लिए बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल करेगा। इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर पड़ेगा, क्योंकि पाकिस्तान भारत के खिलाफ साजिशें रचने के लिए बांग्लादेश को अपना ठिकाना बना सकता है। यही सबसे बड़ी चिंता का विषय है।

वीजा-मुक्त यात्रा के प्रस्ताव पर सहमति

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार जहांगिर आलम चौधरी के बीच ढाका में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक के दौरान दोनों देशों ने वीजा-मुक्त यात्रा के प्रस्ताव पर सहमति जताई। पाकिस्तान ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा कि राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों को वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा देने के मामले में एक सकारात्मक समझौता हुआ है। हालांकि, इस नियम को कब से लागू किया जाएगा, इसकी कोई निश्चित तिथि अभी तक घोषित नहीं की गई है।

भारत ने इस कदम पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि इससे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है। इससे देश की पूर्वी और पूर्वोत्तर सीमाओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है।

भारत को लेकर गहरी साजिश

सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश में पाकिस्तानी अधिकारियों और आईएसआई एजेंटों की बढ़ती मौजूदगी से भारत-विरोधी इस्लामी संगठनों को अधिक समर्थन मिल सकता है, जिससे देश की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। आशंका यह भी है कि पाकिस्तान, राजनयिक यात्राओं के बहाने अपने खुफिया एजेंटों को बांग्लादेश भेजकर उसकी भूमि का उपयोग भारत के विरुद्ध गतिविधियों के लिए कर सकता है।

सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए समिति गठित

बांग्लादेश और पाकिस्तान ने पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के बीच आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है। इस संबंध में बांग्लादेश का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही पाकिस्तान की राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (इस्लामाबाद) का दौरा करेगा। दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए पाकिस्तान ने गृह सचिव खुर्रम आगा की अध्यक्षता में एक संयुक्त समिति भी गठित की है। बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान की 'सुरक्षित शहर' परियोजना और राष्ट्रीय पुलिस अकादमी का अवलोकन भी करेगा।

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