निकल गई सारी हेकड़ी, भारत से बात करने को तैयार पाक, शहबाज शरीफ का बड़ा यू-टर्न

India Pakistan relations: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाने की पुनः इच्छा जताई। उन्होंने बुधवार को यह बयान देते हुए कहा कि उनकी सरकार द्विपक्षीय मुद्दों को...
निकल गई सारी हेकड़ी, भारत से बात करने को तैयार पाक, शहबाज शरीफ का बड़ा यू-टर्न
भारत से बात करने को तैयार शहबाज शरीफ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के प्रति नरम रुख दिखाते हुए बातचीत की इच्छा जताई है। बुधवार को ब्रिटेन की उच्चायुक्त जेन मैरियट से मुलाकात के दौरान शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों पर सार्थक वार्ता के लिए तैयार है।

दरअसल, जेन मैरियट ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आवास पर शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय रिश्तों के अलावा दक्षिण और पश्चिम एशिया की क्षेत्रीय परिस्थितियों पर भी गहन बातचीत हुई। शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में ब्रिटेन की भूमिका का उल्लेख किया, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार करने से परहेज़ किया कि उनकी सेना ने भारत के सामने कोई झुकाव दिखाया है। उन्होंने एक बार फिर इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान, भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों पर सार्थक संवाद के लिए तत्पर है।

द्विपक्षीय सहयोग पर कही ये बात

पाकिस्तान और ब्रिटेन के रिश्तों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई व्यापार वार्ता ने दोनों देशों के लिए परस्पर लाभदायक अवसरों के द्वार खोले हैं। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिटेन से पाकिस्तान आने-जाने वाली पीआईए उड़ानों को दोबारा शुरू करने के फैसले का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने किंग चार्ल्स तृतीय और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पस्त हुआ पाकिस्तान

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू की। इस जवाबी कार्रवाई के बाद चार दिन तक दोनों ओर से भारी गोलीबारी और संघर्ष जारी रहा। भारतीय सेना की कड़ी प्रतिक्रिया से घबराया पाकिस्तान संघर्षविराम की मांग करने लगा। अंततः 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति बनी।

भारत का सख्त रुख

हालांकि भारत ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान यह साफ कर दिया कि पाकिस्तान से अब कोई बातचीत केवल दो मुद्दों पाक अधिकृत कश्मीर (POK) की वापसी और आतंकवाद पर ही हो सकती है।

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