JASSM ER Missiles, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US JASSM ER Missiles Deploys Iran: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक अत्यंत विनाशकारी चरण में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान के अगले चरणों के लिए अपनी सबसे आधुनिक और घातक JASSM-ER (Joint Air-to-Surface Missile-Extended Range) स्टेल्थ क्रूज मिसाइलों की पूरी इन्वेंट्री को मोर्चे पर तैनात करने का फैसला किया है। यह कदम ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से पंगु बनाने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
JASSM-ER मिसाइल की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टेल्थ क्षमता है जो इसे दुश्मन के रडार और उन्नत हवाई सुरक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) से बचकर निकलने में सक्षम बनाती है। यह मिसाइल 600 मील (लगभग 965 किलोमीटर) से अधिक की दूरी तक सटीक मार कर सकती है। इस लंबी दूरी की क्षमता के कारण अमेरिकी बमवर्षक विमान और सैनिक दुश्मन की मारक सीमा से सुरक्षित रहते हुए भी घातक हमले कर सकते हैं।
युद्ध की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने उन भंडारों से भी मिसाइलें निकालने का आदेश दिया है जो पहले अन्य क्षेत्रों (खासकर प्रशांत क्षेत्र) के लिए सुरक्षित रखे गए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, लगभग 1.5 मिलियन डॉलर प्रति मिसाइल की कीमत वाले इस हथियार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ठिकानों पर भेजा जा रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि अमेरिका की कुल 2,300 मिसाइलों की इन्वेंट्री में से अब केवल लगभग 425 JASSM-ER मिसाइलें ही दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए उपलब्ध बची हैं।
जंग के शुरुआती चार हफ्तों में ही अमेरिकी ऑपरेशन्स में 1,000 से अधिक कम दूरी वाली JASSM-ERs और सैकड़ों टॉमहॉक (Tomahawk) क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा चुका है। दूसरी ओर, ईरान ने भी पलटवार करते हुए इस क्षेत्र में 1,600 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और लगभग 4,000 शाहेद ड्रोन दागे हैं। अकेले ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए अमेरिकी और इजरायली सेना को 3,200 से अधिक इंटरसेप्टर मिसाइलें खर्च करनी पड़ी हैं।
अमेरिका-इजरायल का दावा है कि उन्होंने हवाई अभियानों के जरिए ईरान की हवाई सुरक्षा के एक बड़े हिस्से को पहले ही नष्ट कर दिया है। अब कम खर्चीले और सटीक मारक क्षमता वाले हथियारों का उपयोग कर देश के भीतर मौजूद विशिष्ट लक्ष्यों को निशाना बनाया जा रहा है। जहां एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ईरान को भारी अंजाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं वहीं ईरान ने भी ‘मुंहतोड़ जवाब’ देने और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका-इजरायल की घेराबंदी करने की कसम खाई है।