BRICS में भारत ने चला ऐसा दांव कि उड़ी पाकिस्तान की नींद! इस बड़े मुस्लिम देश ने भी कर दिया समर्थन का ऐलान
BRICS CTWG Meeting:दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स आतंकवाद-विरोधी बैठक में भारत ने पाकिस्तान को घेरा। रूस और दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का खुला समर्थन किया।
- Written By: अक्षय साहू
ब्रिक्स में आतंकवाद पर अपनों के बीच बेनकाब हुआ पाकिस्तान (सोर्स- सोशल मीडिया)
BRICS Counter Terrorism Meeting: देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक हुई थी। इसके बाद अब इसके काउंटर-टेररिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक चल रही है। जहां एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर पाकिस्तान की नींद हराम हो सकती है। काउंटर-टेररिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक में गुरुवार को भारत ने साफ कर दिया कि आतंकवाद को पालने और समर्थन देने वाले देशों को जिम्मेदार ठहराना जरूरी है।
भारत का सीधा निशाना पाकिस्तान पर था। भारत चाहता है कि आतंकवाद को समर्थन और संरक्षण देने के लिए पाकिस्तान पर वैश्विक दबाव बनाया जाए। जानकारी के मुताबिक, जैसे ही भारत ने यह प्रस्ताव वर्किंग ग्रुप के सामने रखा रूस और इंडोनेशिया ने बिना देर करते हुए इसके समर्थन का ऐलान कर दिया।
आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख साफ
भारत ने ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (CTWG) की बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि, आतंकवाद को पालने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बहुत ही जरूरी है। भारत ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय मदद के बिना आतंकी संगधनों की फाइनेंसिंग ,रेडिकलाइजेशन,मनी लॉन्ड्रिंग और नई-नई टेक्नोलॉजी के उपयोग पर रोक लगाना मुश्किल है।
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मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (CTWG) आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर तेजी से काम कर रही है। CTWG फिलहाल इस पर काम कर रही है कि आतंकवाद-विरोधी रणनीति को कैसे और बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए ब्रिक्स के सभी 11 देश आतंकी संगठनों की ओर से साइबर खतरे, फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से संबंधित जानकारी साझा करने के तरीकों को पर विचार कर रहे हैं।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी जीत
आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के नजरिए से यह भारत की बड़ी जीत है। क्योंकि ब्रिक्स के आतंकवाद-विरोधी इस रणनीतिक का समर्थन रूस और इंडोनेशिया जैसे देश कर रहे हैं। दोनों ही देशों ने भारत की पहल का खुलकर समर्थन किया है। रूस शुरुआत से आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा रहा है। जिसमें अब इंडोनेशिया भी शामिल हो गया है। इंडोनेशिया का समर्थन भारत के लिए बड़ी बात है। क्योंकि इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। इसके अलावा वो अर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) में भी कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के रवैए पर चिंता जता चुका है।
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ब्रिक्स में पांच बड़े मुस्लिम देश
अर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) की तरह ब्रिक्स में भी इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब,मिस्र और यूएई जैसे पांच बड़े मुस्लिम देश हैं। ऐसे में भारत का क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म का मुद्दा उठाना एक बड़ी बात है। साथ ही ये देश भारत के प्रस्ताव के समर्थन में है और चाहते हैं कि क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म पर लगाम लगाई जाए। जिससे पाकिस्तान मुस्लिम देशों के सामने ही एक बार फिर से बेनकाब हुआ है।
Frequently Asked Questions
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Que: BRICS काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप में भारत ने क्या कहा?
Ans: भारत ने कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को जिम्मेदार ठहराना जरूरी है। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर जोर दिया।
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Que: भारत के प्रस्ताव का किन देशों ने समर्थन किया?
Ans: रूस और इंडोनेशिया ने भारत के प्रस्ताव का खुलकर समर्थन किया। दोनों देशों ने आतंकवाद और क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई।
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Que: इंडोनेशिया का समर्थन भारत के लिए क्यों अहम है?
Ans: इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। उसका भारत के पक्ष में आना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
